3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम स्नान का अनुमान, प्रशासन ने कसा कमर
प्रयागराज/एबीएन न्यूज। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर आयोजित माघ मेले के चौथे प्रमुख स्नान पर्व बसंत पंचमी को सकुशल एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए मेला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बसंत पंचमी के साथ अचला सप्तमी तथा सप्ताहांत पड़ने के कारण संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन, रूट डायवर्जन और यातायात नियंत्रण की विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
मेला प्रशासन के अनुमान के अनुसार बसंत पंचमी से अचला सप्तमी तक लगभग 3.5 करोड़ श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 24 घाटों पर स्नान की समुचित व्यवस्था की गई है। लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र में स्नान, सुरक्षा, स्वच्छता एवं आपात सेवाओं की सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि संगम किनारे चल रहे माघ मेले का चौथा स्नान पर्व बसंत पंचमी 23 जनवरी को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से प्रारंभ होकर 23 जनवरी की रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस पुण्य काल में श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान कर पीले वस्त्र, पीले अन्न आदि का दान करेंगे। वहीं 25 जनवरी को अचला सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसे पुत्र सप्तमी अथवा भानु सप्तमी भी कहा जाता है। इस दिन अन्न भंडारे की परंपरा है। 24 जनवरी को सप्ताहांत होने के कारण तीनों दिन मेला क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए पांटून पुलों पर भी विशेष व्यवस्था की गई है। परेड से झूंसी जाने के लिए पांटून पुल संख्या 3, 5 और 7 का उपयोग किया जाएगा, जबकि झूंसी से परेड आने के लिए पांटून पुल संख्या 4 और 6 निर्धारित किए गए हैं। आपात स्थिति के लिए बनाए गए पांटून पुल संख्या 1 और 2 पर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।
यातायात व्यवस्था को लेकर मेला पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाटों की सुरक्षा एवं सुचारु निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। माघ मेला से संबंधित वाहनों को छोड़कर अन्य भारी एवं हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में प्रवेश से पहले ही वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा। बसंत पंचमी स्नान पर्व के दिन 23 जनवरी को नया यमुना पुल बंद रहेगा, जबकि पुराने यमुना पुल से ही आवागमन की अनुमति होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों एवं प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, ताकि स्नान पर्व शांति, सुरक्षा और श्रद्धा के साथ संपन्न हो सके।
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