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हिंदी सिनेमा के सदाबहार एक्टर देव आनंद की निजी जिंदगी के कुछ पन्ने आज भी ध्यान खींचते हैं. उनकी किताब ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में जीनत अमान से उनके प्यार और फिर राज कपूर की वजह से अलगाव का जिक्र है. उस प्रेम कहानी पर अब देव साहब के करीबी दोस्त मोहन चुरिवाला ने कई अहम खुलासे किए हैं.
नई दिल्ली: देव आनंद पर्दे में जितने रोमांटिक दिखते थे, असल जिंदगी में भी उनका अंदाज वैसा ही था. वे अपनी कोस्टार जीनत अमान से मोहब्बत करते थे, जिसे उन्होंने अपनी किताब में स्वीकार भी किया थ. साल 1971 में आई फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ की शूटिंग के समय वह जीनत अमान के प्यार में पड़ गए थे. जीनत ने फिल्म में उनकी बहन का रोल निभाया था. (फोटो साभार: IMDb)

देव आनंद होटल ताज में डिनर के वक्त अपने दिल की बात जीनत से कहने वाले थे, लेकिन उससे पहले जो पार्टी में हुआ, उसने सबकुछ बदल दिया. देव आनंद ने बताया था कि उस पार्टी में जीनत और राज कपूर की नजदीकियां देखकर वे दंग रह गए थे. राज कपूर ने जीनत से ‘सफेद कपड़े’ पहनने के वादे का जिक्र किया, जिससे देव साहब को लगा कि उन दोनों के बीच उनकी जानकारी से कहीं ज्यादा गहरा रिश्ता है. आहत देव आनंद बिना डिनर किए ही पार्टी से चले गए. (फोटो साभार: IMDb)

देव आनंद ने बताया था कि वे और जीनत ने एक पार्टी के बाद ताज जाने का फैसला किया था. लेकिन पार्टी में उनकी मुलाकात राज कपूर से हुई, जिन्होंने जीनत को गले लगा लिया. वे बोले, ‘मुझे यह थोड़ा ज्यादा नजदीकी लगा. जिस तरह जीनत ने उनके गले मिलने पर रिस्पॉन्स किया, वह सहज मेल-मिलाप से कहीं ज्यादा था.’ (फोटो साभार: IMDb)
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देव आनंद ने किताब में संकेत दिए कि जीनत और राज कपूर के बीच कुछ चल रहा था और इससे वह नाराज हो गए थे. उन्होंने आगे लिखा कि एक ड्रिंक के बाद राज कपूर ने जीनत से कहा, ‘तुम अपना वादा तोड़ रही हो कि तुम हमेशा मेरे सामने सिर्फ सफेद साड़ी में ही आओगी.’ देव ने लिखा, ‘उसके चेहरे पर और भी ज्यादा शर्मिंदगी दिख रही थी और जीनत अब मेरे लिए वही जीनत नहीं रही. मेरा दिल टूट गया. उस मुलाकात का मेरे लिए अब कोई मतलब नहीं रह गया था. मैं चुपचाप वहां से निकल गया.’ (फोटो साभार: IMDb)

अब फिल्मी पार्टी के किस्से पर देव आनंद के मित्र मोहन चुरिवाला ने देव साहब का पक्ष लिया. उन्होंने जीनत अमान के ताजा बयान पर सवाल उठाए. मोहन का कहना है कि देव आनंद ने कभी झूठ नहीं लिखा. जीनत 2007 में बुक लॉन्च पर मौजूद थीं और देव साहब उसके बाद चार साल तक जीवित रहे. फिर जीनत ने तब उनका सामना क्यों नहीं किया? उनकी मौत के सालों बाद अब इन दावों को खारिज करने का क्या मतलब है? (फोटो साभार: IMDb)

देव साहब को बुरा इस बात का लगा कि जीनत ने उन पर भरोसा नहीं किया और राज कपूर के साथ अपनी नजदीकियों को उनसे छुपाया. दोनों ने फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ में साथ काम किया था. देव आनंद के दोस्त मोहन चुरिवाला ने बताया कि उस रात राज कपूर को भी हालात की गंभीरता का एहसास था और शायद वे ‘गिल्टी’ महसूस कर रहे थे, इसीलिए उन्होंने देव आनंद को जाने से रोकने की कोशिश भी की थी.(फोटो साभार: IMDb)

गौरतलब है कि जीनत अमान ने साल 2023 में सोशल मीडिया पर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया था. उन्होंने लिखा था कि वे देव साहब की इन बातों से बहुत आहत और अपमानित महसूस कर रही थीं. (फोटो साभार: IMDb)

जीनत ने कहा था देव आनंद उनके मेंटर थे और उन्हें दुख हुआ कि उन्होंने ऐसी अफवाहों को सच मान लिया जिनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं थी. जीनत ने यहां तक कहा कि उन्होंने गुस्से में वह किताब आज तक नहीं पढ़ी और उसे बेसमेंट में डाल दिया.(फोटो साभार: IMDb)
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