लखनऊ के कृष्णानगर में सोमवार को मामूली विवाद में कार सवार दबंगों ने अधिवक्ता को अगवा कर बुरी तरह पीटा। उसे मरा समझकर चलती कार से फेंक दिया। अधिवक्ता के साथी ने थाने में पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट और अपहरण की धारा में एफआईआर दर्ज कराई है।
कृष्णानगर के विजय नगर निवासी अधिवक्ता दुर्गेश प्रजापति के मुताबिक एक फरवरी की रात 11 बजे वह साथी वकील यश चौहान, रौनक राम और गोलू के साथ गाड़ी से घर जा रहे थे। रास्ते में कनौसी क्रॉसिंग के खुलने का इंतजार करने लगे। दुर्गेश का आरोप है कि इस बीच एक स्कूटी उनकी कार से पीछे से जा टकराई। वह और उनके साथी बाहर आकर विरोध करने लगे तो स्कूटी सवार गाली-गलौज करने लगे।
दुर्गेश ने पुलिस को सूचना देने के लिए मोबाइल निकाला, जिसे दबंगों ने छीन लिया। साथ ही कार सवार तीन दोस्तों को बुला लिया। कुछ देर में पहुंचे आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीड़ित व उनके दोस्तों को पीटना शुरू कर दिया। फिर यश को जबरन कार में बैठाकर जाने लगे।
दुर्गेश ने कहा कि जब उन्होंने विरोध किया तो दबंगों ने उन्हें कार से कुचलने का प्रयास किया और भाग निकले। आरोपी रास्ते भर यश को पीटते रहे। मरणासन्न होने पर उन्हें कुछ दूर स्थित रेलवे पटरी के किनारे फेंककर चले गए। दुर्गेश का कहना है कि वह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और यश को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही पुलिस की चार टीमें भी बना दी गई हैं। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।










