सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद सोनभद्र में फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ककराही एवं घोरावल विकास खंडों में 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान संचालित किया जाएगा।
अभियान के दौरान 2 वर्ष से अधिक आयु की समस्त आबादी को डीईसी, आइवरमेक्टिन एवं एल्बेन्डाजोल की गोलियां आयु वर्ग के अनुसार घर-घर जाकर खिलाई जाएंगी। इसके लिए कुल 573 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में दो सदस्य होंगे, जो सप्ताह में चार दिन—सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार—प्रतिदिन लगभग 20 से 25 घरों में दवा वितरण सुनिश्चित करेंगे। टीमों के पर्यवेक्षण के लिए 106 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक सुपरवाइजर 5 से 6 टीमों का निरीक्षण करेगा।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर 6 फरवरी 2026 को मुख्य विकास अधिकारी के सभागार में द्वितीय अंतर्विभागीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें वीबीडी कंसल्टेंट द्वारा पीपीटी के माध्यम से आईडीए कार्यक्रम की तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि माइक्रोप्लान के अनुसार सभी टीमें प्रतिदिन सुबह लगभग 10 बजे फील्ड में निकलें।
उन्होंने ककराही एवं घोरावल ब्लॉक के अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीसीपीएम एवं बीपीएम को निर्देशित किया कि शेष दवा प्रशासकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 7 फरवरी 2026 तक पूर्ण करा लिया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि दवा टीम के सामने ही खिलाई जाए, कोई भी दवा खाली पेट न दी जाए तथा जो लोग दवा लेने से बच रहे हैं, उन्हें प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक कर दवा खिलाई जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि 10 फरवरी 2026 को दोनों ब्लॉकों में जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी स्वयं दवा सेवन कर अभियान का विधिवत उद्घाटन कराएं। साथ ही ब्लॉक क्षेत्र में स्थित सभी सरकारी कार्यालयों में बूथ लगाए जाएं। ग्राम विकास, शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से अभियान में अधिकतम सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
सभी ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने गांवों में स्वयं दवा खाकर अभियान की शुरुआत करें और ग्रामीणों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। शिक्षा विभाग को बच्चों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने और दवा सेवन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी वीबीडी, जिला मलेरिया अधिकारी, पाथ पीसीआई के डीसी कोऑर्डिनेटर, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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