सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा दिनांक 07 फरवरी 2026 से दो दिवसीय विशेष हिंदी कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। “संविधान एवं राजभाषा नीति के आलोक में हिंदी का कार्यान्वयन” विषय पर आधारित इस कार्यशाला में परियोजना के बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध राजभाषा विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर निजी सचिव, भारत के राष्ट्रपति एवं पूर्व महाप्रबंधक (राजभाषा), एनटीपीसी लिमिटेड रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में संविधान में निहित राजभाषा संबंधी प्रावधानों, राजभाषा अधिनियम एवं नियमों तथा केंद्र सरकार की भाषा नीति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक सुगमता का सशक्त आधार है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सी. एच. किशोर कुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) ने अपने संबोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी कार्यान्वयन संगठन की कार्यक्षमता को सुदृढ़ बनाता है तथा जनसंपर्क को और अधिक मजबूत करता है। उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे दैनिक कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दें।
विशिष्ट अतिथि श्री रश्मि रंजन मोहंती, महाप्रबंधक (परियोजना) ने कहा कि हिंदी के माध्यम से कार्य करने से कर्मचारियों के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और कार्य निष्पादन अधिक सरल एवं प्रभावी बनता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ओम प्रकाश, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन–राजभाषा) एवं सदस्य सचिव, नराकास सोनभद्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी सिंगरौली की ओर से डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र को राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु सम्मानित भी किया गया।
कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने राजभाषा से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। जानकारी दी गई कि इस विशेष हिंदी कार्यशाला के अंतर्गत दिनांक 09 फरवरी 2026 को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, सोनभद्र के सदस्यों एवं कर्मचारियों हेतु विशेष सत्र का आयोजन भी प्रस्तावित है।
एनटीपीसी सिंगरौली द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय विशेष हिंदी कार्यशाला राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण, सार्थक एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हो रही है।
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