वर्दी पहनने का सपना लेकर दिन रात कड़ी मेहनत कर हर चयन प्रक्रिया को पास करने वाले 33 प्रशिक्षु सिपाहियों ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। जबकि 27 प्रशिक्षु सिपाही ऐसे हैं जो छुट्टी लेकर अपने घर गए थे मगर वापस नहीं लौटे। अब 45 दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद इनकी रिपोर्ट मूल जिलों को भेज दी गई है।
मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से अधिकांश ने दूसरे विभाग ज्वाइन कर लिए हैं। यूपी पुलिस में प्रशिक्षु सिपाहियों की नौ माह की ट्रेनिंग 21 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी। इनका प्रशिक्षण मुरादाबाद में पुलिस लाइन, पीटीसी, पीटीएस, नौंवी, 23वीं और 24वीं वाहिनी पीएसी की आरटीसी में चल रहा है।
इन ट्रेनिंग संस्थानों में करीब 4700 प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 1500 महिला प्रशिक्षु सिपाही शामिल हैं। मुरादाबाद पुलिस लाइन में 1000 प्रशिक्षु सिपाही ट्रेनिंग के लिए आवंटित किए गए थे लेकिन 992 ने ही आमद कराई थी। बाकी आठ प्रशिक्षण के लिए आए ही नहीं। जबकि विभाग लगातार पत्राचार करता रहा।
बाद में इन्होंने आने से इन्कार कर दिया और अपना इस्तीफा भेज दिया। इसी तरह मुरादाबाद के दूसरे सेंटरों से 25 और प्रशिक्षु सिपाहियों ने पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में पुलिस लाइन के 15 प्रशिक्षु सिपाही हैं। ट्रेनिंग शुरू होने के बाद 27 प्रशिक्षु सिपाही छुट्टी लेकर घर चले गए।
कोई एक दिन के अवकाश पर गया तो कोई दो दिन के अवकाश पर लेकिन 45 दिन बीतने के बाद भी यह वापस नहीं आए। इसके बाद ट्रेनिंग सेंटर से इनकी रिपोर्ट मूल जिलों में भेज दी गई है। अब इनकी सेवा समाप्त की जाएगी या फिर दोबारा ट्रेनिंग का मौका दिया जाएगा इसका निर्णय मूल जिलों के अधिकारी ही लेंगे।
दस अन्य केंद्रों के प्रशिक्षु सिपाही गैर हाजिर हैं। नोडल अधिकारी एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि गैर हाजिर चल रहे प्रशिक्षु सिपाहियों के 45 दिन की समय सीमा होने पर इसकी रिपोर्ट मूल जिलों में भेजी गई है।











