इसके कुछ ही मिनट बाद दो अन्य लोग साइकिल के पीछे कॉपियों का बंडल लादकर संकलन केंद्र में दाखिल हुए। कई अन्य लोग भी ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों का उपयोग करते दिखे। खुले वाहनों पर कॉपियां ले जाने से उनके फटने, गिरने या बारिश होने पर खराब होने का खतरा बना रहता है।
ये है नियम
बोर्ड का स्पष्ट निर्देश है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्र व्यवस्थापकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को पुलिस सुरक्षा के बीच केवल चार पहिया वाहनों से ही मुख्य संकलन केंद्र तक पहुंचाएंगे। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि कॉपियों से रास्ते में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ आदि की गुंजाइश न रहे।
गेट से गार्ड लापता, बेरोकबोक आते-जाते रहे लोग
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज को जिले का मुख्य संकलन केंद्र बनाया गया है, लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे ही है। यहां जिले के 130 परीक्षा केंद्रों की कॉपियां आती हैं। यहां की हालत यह है कि सुबह की पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही कॉलेज के मुख्य द्वार से सुरक्षाकर्मी नदारद मिले। लापरवाही का आलम यह है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति बेरोकटोक कॉलेज परिसर के अंदर आ-जा सकता है। उत्तर पुस्तिकाओं के साथ सिस्टम की यह बेपरवाही देश के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसी है।
50 फीसदी केंद्र व्यवस्थापक कर रहे लापरवाही
नियमों के अनुसार, परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को पुलिस सुरक्षा के बीच संकलन केंद्र तक पहुंचाना अनिवार्य है, लेकिन करीब 50 फीसदी केंद्रों ने इसे ताक पर रख दिया है। शिक्षक और कर्मचारी बिना किसी पुलिसकर्मी के ही कॉपियां लेकर केंद्र पहुंच रहे हैं। कुछ शिक्षक बाइक पर ही पुलिसकर्मी के साथ कॉपियां ले जाते दिखे।
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