अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जेनेवा में होगा। ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने रविवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वार्ता को अंतिम समझौते की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। ईरान के वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ अब्बास अराघची ने भी उम्मीद जताई कि गुरुवार को अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ से मुलाकात होगी और राजनयिक समाधान की अच्छी संभावना बनी हुई है।
ईरान में फिर सुलग रही है विद्रोह की आग
वार्ता की पुष्टि के तुरंत बाद ईरान में नए अंतर-संबंधित विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। तहरीर विश्वविद्यालय और मशहद में छात्रों ने जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की याद में प्रदर्शन किया। ईरान के राज्य समाचार एजेंसी ने पांच विश्वविद्यालयों में विरोध की जानकारी दी।
पिछले हफ्ते 40-दिवसीय श्रद्धांजलि समारोहों के दौरान सुरक्षा बलों ने कई जगह प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। मानवाधिकार संगठन के अनुसार, पिछले विरोध प्रदर्शन में कम से कम 7,015 लोग मारे गए, जिनमें 214 सरकारी बल शामिल हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के शासन के तहत यह अब तक का सबसे घातक दमन माना जा रहा है।
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सैन्य स्ट्राइक पर विचार कर रहे ट्रंप?
इस बीच, अमेरिका ईरान के पास अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार ये संकेत दिया है कि वह सीमित सैन्य स्ट्राइक पर विचार कर रहे हैं। कई बार यह जानकारी भी सामने आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के विकल्पों के बारे में जानकारी दी जा रही है। अमेरिका और यूरोपीय साथियों ने ईरान के न्यूक्लियर इरादों पर चिंता जताई है।
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने मंगलवार को स्विट्जरलैंड में मुलाकात की, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को सीमित करने के मकसद से बातचीत में हुए विकास की रिपोर्ट दी गई। फिर भी, ट्रंप ने बाद में चेतावनी दी कि दुनिया को लगभग दस दिनों में पता चल जाएगा कि कोई डील होगी या मिलिट्री एक्शन होगा। उन्होंने पहले भी ईरानी प्रदर्शनकारियों के लिए अपना समर्थन जताया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई चाहते हैं कि प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक तार्किक और पारस्परिक हितों पर आधारित रोडमैप तैयार किया जाए। अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों को एक व्यावहारिक समयसीमा पर सहमत होना होगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में ईरान अपना ड्राफ्ट काउंटर-प्रपोजल तैयार कर लेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार करने की बात कहकर तनाव को और बढ़ा दिया है।
अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा
इससे पहले 18 फरवरी को ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में बातचीत हुई थी। मंगलवार को हुई यह मुलाकात परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत थी। जिनेवा में वार्ता व अभ्यास ऐसे समय हुए जब अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। जिनेवा में ईरान-अमेरिका की परोक्ष वार्ता 3 घंटे चली, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला।
ईरानी यूरेनियम संवर्धन को लेकर विवाद
अमेरिका ईरान के भीतर यूरेनियम संवर्धन को परमाणु हथियारों की दिशा में संभावित कदम मानता है, जबकि ईरान लगातार इससे इनकार करता रहा है और अपने शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन के अधिकार को मान्यता देने की मांग करता है। तेहरान ने जीरो एनरिचमेंट की अमेरिकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जो पिछली वार्ताओं में भी सबसे बड़ा विवादास्पद मुद्दा रहा है।











