यौन शोषण के चर्चित मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सजा पाए दंपती के बाद अब तीसरे आरोपी दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिब के खिलाफ तेजी से सुबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को बांदा की पाक्सो न्यायालय में होनी है, जिसमें यह संभव है कि इंजीनियर आकिब भी अदालत में पेश हो सकता हैं। हालांकि इस पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है।
यह मामला अक्तूबर 2020 में बांदा में पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती ने ई-मेल के माध्यम से अश्लील सामग्री का आदान-प्रदान किया और उसे दूसरे देशों में भेजकर लाखों रुपये कमाए।

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फैसले के बाद दोषी दुर्गावती को न्यायलय से ले जातीं महिला पुलिसकर्मी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस रैकेट में तीसरे आरोपी इंजीनियर मोहम्मद आकिब की भूमिका अहम बताई जा रही है। आरोप है कि आकिब, रामभवन से ई-मेल के जरिए अश्लील सामग्री प्राप्त करता था और फिर उसे विभिन्न ग्राहकों को भेजकर रुपये कमाता था।

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सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से मुंह बांधकर निकाला रामभवन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीसरे आरोपी इंजीनियर आकिब के पेश होने की संभावना
सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह मीना ने बताया कि वर्तमान में गूगल सहित आठ अन्य लोगों के बयान दर्ज कराए जाने हैं। नौ मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर तीसरे आरोपी इंजीनियर मोहम्मद आकिब के अदालत में पेश होने की संभावना है। सीबीआई जांच एजेंसी सभी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करेगी और संबंधित व्यक्तियों के बयानों को दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी।

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सीबीआई के दरोगा पुरुषोत्तम कुमार व सीबीआई के लोक अभियोजक दारा सिंह
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अनपरा से हुई थी पहली गिरफ्तारी
सीबीआई ने सितंबर 2020 में सोनभद्र के अनपरा में तैनात रहे इंजीनियर नीरज कुमार को गिरफ्तार किया था, जिससे जेई रामभवन की गतिविधियों का खुलासा शुरू हुआ। नीरज के पास से बरामद ई-मेल और पेन ड्राइव में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे, जिसके बाद सीबीआई की जांच तेज हुई और अंततः रामभवन व उसकी पत्नी को सजा दिलाने में सफल रही।

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आरोपी दंपती
– फोटो : amar ujala
निसंतान होने का फायदा उठाती थी पत्नी
आरोपी रामभवन की शादी वर्ष 2004 में दुर्गावती से हुई थी। शादी के 17-18 साल बाद भी संतान नहीं हुई। इसी को दुर्गावती ने ट्रंप कार्ड बनाया। महिलाओं की सहानभूति बटोरने के लिए वह बच्चों से दुलराती और अपने घर बुलाती थीं। इससे उसे दो फायदे होते थे।
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