असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मंगलवार को राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से उन्हें टिकट देने और उनकी क्षमताओं पर विश्वास दिखाने के लिए पार्टी नेताओं को धन्यवाद दिया है। तीन बार सांसद रह चुके और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई राज्य विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनावी मैदान में उतरेंगे और उन्हें विपक्ष के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया जा रहा है।
‘मेरी क्षमताओं पर विश्वास के लिए आभारी हूं’
एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल और जितेंद्र अलवर, मुख्य चुनाव आयोग के सदस्यों का उनके निरंतर मार्गदर्शन और मेरी क्षमताओं पर विश्वास के लिए आभारी हूं।’
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पिता समेत परिजनों का भी जताया आभार
उन्होंने जोरहाट लोकसभा सीट के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके बिना वे इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने दिवंगत पिता तरुण गोगोई का आभारी हूं, जिन्होंने मुझे असमिया और कांग्रेसी होने का अर्थ सिखाया।’ जोरहाट सांसद ने आगे कहा, ‘मैं अपने परिवार, अपनी मां, बहन, पत्नी और दो छोटे बच्चों का भी आभारी हूं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है, लेकिन हमेशा शालीनता, खुशी और गरिमा के साथ।’ उन्होंने कहा कि असम को एक नई और साहसिक दिशा में ले जाने का समय आ गया है। गोगोई ने आगे कहा, ‘आइए एक बार फिर नतुनबोर अक्सोम (नए ग्रेटर असम) का सपना देखें। समय परिवर्तन का समय आ गया है।’
असम कांग्रेस के 42 उम्मीदवार
कांग्रेस की पहली सूची में 42 नाम शामिल हैं। गौरव गोगोई को जोरहाट से उम्मीदवार हैं, सूची के अनुसार अभिजीत पॉल को सिलचर, इंद्रनील पेगु को माजुली और असम प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर सीट से टिकट दिया गया है। इसी तरह गौरीपुर से अब्दुस सुभान अली सरकार, ग्वालपाड़ा पश्चिम (सु) से मर्कलीन मारक को, बोंगईगांव से गिरीश बरुआ को टिकट दिया गया है। बारपेटा से महानंद सरकार को उम्मीदवार बनाया गया है। नलबारी से अशोक शर्मा पार्टी प्रत्याशी होंगे।
पूर्व मंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा बारचला से चुनाव लड़ेंगे, जबकि एक अन्य पूर्व मंत्री अजीत सिंह बराक घाटी में उधरबोंड निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व मंत्री और उपाध्यक्ष प्रणति फुकन, जो 2016 तक चार बार विधायक रहीं, ऊपरी असम के नाहरकटिया से चुनाव लड़ेंगी। धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील हुसैन सामागुरी से चुनाव लड़ेंगे जहां वह 2024 के उपचुनाव में भाजपा के डिप्लू रंजन सरमाह से हार गए थे। नगांव के सांसद प्रोद्युत बोरदोलोई के बेटे प्रतीक बोरदोलोई मार्गेरिटा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जिसका प्रतिनिधित्व उनके पिता तीन बार कर चुके हैं। पांच बार के पूर्व सांसद और प्रमुख चाय जनजाति नेता पबन सिंह घाटोवार के बेटे प्रांजल घाटोवार चबुआ-लाहोवाल सीट से चुनाव लड़ेंगे।
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पूर्व भाजपा विधायक अमीनुल हक लस्कर, जो 2024 में कांग्रेस में शामिल हुए थे, बराक घाटी के सोनाई निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व एजीपी विधायक सत्यब्रत कलिता, जो सितंबर 2025 में कांग्रेस में शामिल हुए थे, कमलपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में डूमडूमा से पूर्व कांग्रेस विधायक दुर्गा भूमिज, सिपाहीझर से बिनंदा कुमार सैकिया और जागीरोड (एससी) निर्वाचन क्षेत्र से बुबुल दास शामिल हैं।
कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा को चुनौती देने के लिए गठित एकीकृत विपक्षी गठबंधन ‘असम सोम्मिलितो मोर्चा’ का एक प्रमुख हिस्सा है। इसने असम जातीय परिषद (एजेपी) और वामपंथी दलों के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्था की है, लेकिन रायजोर दल के साथ अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया है। वर्तमान में, 126 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा की संख्या 64 है, जबकि उसके सहयोगी एजीपी के नौ विधायक, यूपीपीएल के सात और बीपीएफ के तीन विधायक हैं। विपक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक, एआईयूडीएफ के 15 और सीपीआई (एम) का एक विधायक है। एक निर्दलीय विधायक भी हैं।
प्रियंका, शिवकुमार और मिस्त्री संभालेंगे कमान
राज्य की सत्ता भाजपा से छीनने के लिए कांग्रेस ने अपनी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को असम में मोर्चे पर लगाया है। इसके अलावा अनुभवी मधुसूदन मिस्त्री भी असम के मोर्चे पर ही डटे हैं। असम में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के साथ विधानसभा चुनाव होने हैं। असम में 2021 के विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुए थे। कांग्रेस लगातार दो विधानसभा चुनावों में भाजपा से मात खा रही है। इस बार का चुनाव भी देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए आसान नहीं रहने वाला है।












