इस्राइल-अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमला बोले जाने के बाद से ही पश्चिम एशिया में स्थितियां नाजुक बनी हुई हैं। इस पूरे घटनाक्रम में 4 मार्च (बुधवार) को एक बड़ा मोड़ तब आया, जब अमेरिकी सबमरीन ने हिंद महासागर में ईरान के एक युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला कर दिया और उसे डुबा दिया। इस घटना के चलते संघर्ष का दायरा दक्षिण एशिया तक पहुंच गया, जो कि आमतौर पर पश्चिम एशिया में हुए पिछले सभी संघर्षों से अछूता रहा था। इस घटना ने भारत को भी प्रभावित किया है और भारतीय नौसेना को मामले में बयान जारी करना पड़ा।
ऐसे में यह जानना अहम है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से भारत के कौन-कौन से क्षेत्र प्रभावित हुए हैं? भारत ने इन प्रभावों को देखते हुए अब तक समस्याओं से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं? अमेरिका-इस्राइल के ईरान से युद्ध में अब तक उसकी क्या भूमिका रही है? आइये जानते हैं…
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