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डायरेक्टर आदित्य धर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे दर्शकों के बीच वॉर फिल्में बनाने के लिए पॉपुलर हैं. उनकी सफलता की कहानी शानदार हैं. आप यकीन नहीं करेंगे कि आदित्य धर बचपन में डिस्लेक्सिया से पीड़ित थे, इसके बावजूद उन्होंने न सिर्फ इंजीनियरिंग की, बल्कि बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई. आदित्य ने रेडियो जॉकी और गीतकार के रूप में करियर की शुरुआत की थी. उन्हें पहला बड़ा ब्रेक ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से मिला, जिसने उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलाया
आदित्य धर करियर की शुरुआत में एक आरजे थे.
नई दिल्ली: फिल्मी दुनिया में आज आदित्य धर एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिनकी फिल्मों का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सफल डायरेक्टर का बचपन काफी चुनौतियों भरा था? आदित्य को बचपन से ही ‘डिस्लेक्सिया’ नाम की बीमारी थी, जिसकी वजह से उन्हें शब्दों को पढ़ने और लिखने में काफी दिक्कत आती थी. एक कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे आदित्य के लिए पढ़ाई का सफर आसान नहीं था, पर उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने न सिर्फ अपनी स्कूलिंग पूरी की, बल्कि इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री भी हासिल की. डिस्लेक्सिया जैसी बाधा को पीछे छोड़कर उन्होंने साबित कर दिया कि अगर जुनून पक्का हो, तो कोई भी कमी आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकती.
आदित्य धर का बॉलीवुड तक का सफर सीधा नहीं था. उन्होंने शुरुआत में रेडियो जॉकी के तौर पर काम किया और फिर गीतकार बनकर फिल्मों में कदम रखा. उन्होंने ‘काबुल एक्सप्रेस’ और ‘डैडी कूल’ जैसी फिल्मों के लिए गाने लिखे और स्क्रीनराइटिंग में भी हाथ आजमाया. निर्देशक के तौर पर उनकी पहली फिल्म ‘रात बाकी’ थी, जिसमें फवाद खान और कैटरीना कैफ काम करने वाले थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. राजनीतिक वजहों से फिल्म बंद हो गई, पर इस झटके ने उन्हें और मजबूत बनाया और 2019 में उन्होंने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी. इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया.
‘धुरंधर 2’ का बेसब्री से इंतजार
आजकल आदित्य अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म की स्टार कास्ट इतनी तगड़ी है कि हर कोई इसके बारे में बात कर रहा है. रणवीर सिंह, आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज कलाकार इसमें नजर आने वाले हैं. ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट को मिली जबरदस्त कामयाबी के बाद आदित्य धर से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं. एक समय ऐसा था जब उन्हें शब्दों को समझने में मुश्किल होती थी और आज वह शब्दों और सीन्स के जरिए अपनी कहानियां पूरी दुनिया को सुना रहे हैं. आदित्य की यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटी-बड़ी मुश्किलों की वजह से अपने कदम पीछे खींच लेते हैं.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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