भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से रामनगर में रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित है। इसके निर्माण में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी खासियत यह होगी कि इसमें एक साथ 5000 से अधिक छात्र जल परिवहन से जुड़े रोजगार का प्रशिक्षण ले सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी वाराणसी दौरे में इसकी आधारशिला रख सकते हैं।
कोलकाता से प्रयागराज तक राष्ट्रीय जलमार्ग एक पर भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर जल परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। आगामी समय में जलमार्ग के रास्ते व्यापार को बढ़ावा मिले, इसके लिए गंगा किनारे बसे वाराणसी को प्रमुख केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
इसी क्रम में रामनगर में ही भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इसके निर्माण में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसे भी पढ़ें; IIT BHU Technex: दर्शन रावल के गीतों पर 90 मिनट तक थिरकते रहे 20 हजार टेक्नोसेवी, तस्वीरें में देखें- झलकियां
इस केंद्र के माध्यम से नाविकों, पोर्ट कर्मियों व जलमार्ग से जुड़े कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें एक साथ करीब 5000 से अधिक प्रतिभागियों को सिमुलेटर आधारित प्रशिक्षण के साथ ही नेविगेशन और जहाज संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
काशी में चलने वाले हाइड्रोजन जलयान के उद्घाटन समारोह में विभाग के सचिव ने रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा की थी। इस क्रम में स्थानीय स्तर पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आगामी काशी दौरे पर इसकी आधारशिला रख सकते हैं।











