हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा, मां रानी मिश्रा, पत्नी सुमति मिश्रा व मामा विकास मिश्रा समेत परिवार के करीब 15 लोग बदायूं एसएसपी से मिलने मंगलवार सुबह पूरनपुर स्थित अपने घर से कारों में रवाना हुए। पीलीभीत पुलिस की गाड़ी शुरू से उनके साथ चली। परिजनों ने दोपहर बाद बदायूं आकर डीएम कंपाउंड चौराहे के पास हंगामा शुरू कर दिया।
अचानक वह विधायक व प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान काफी भीड़ जमा हो गई। तब विकास मिश्रा ने आरोप लगाया कि पहले पुलिस बरेली के एक थाने में ले जाने की बात कहकर घुमाती रही। बाद में उन्हें बदायूं लेकर चली।
बदायूं आने के बाद एसएसपी कार्यालय न लाकर उनको एक घंटे तक घुमाते रहे। सीधे एसएसपी के पास नहीं ले गए। इससे वह नाराज हो गए। हंगामा होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद परिवार को तत्काल एसएसपी कार्यालय लाया गया। तत्काल ही वहां डीएम-एसएसपी समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए और परिवार से मुलाकात की।
करीब दो घंटे तक अधिकारियों ने परिवार से बात की। परिवार की सीबीआई वाली मांग पर डीएम ने कहा कि इस पर शासन स्तर से ही निर्णय हो सकता है। वह उनकी मांग को आगे बढ़ाने का काम कर सकते हैं। उनको आश्वासन दिया कि पूरा प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है।
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