मार्च में मौसम ने ऐसा करवट बदली कि मानसून जैसे हालात बन गए। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जहां जनजीवन प्रभावित किया, वहीं रबी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इसी बीच जुमे की रात ईद का चांद नजर आते ही देशभर में खुशियों की लहर दौड़ गई, बाजारों से लेकर गली-मुहल्लों तक रौनक देखने को मिली। आज देशभर में ईद का जश्न पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पश्चिम एशिया में तनाव बरकरार है, जहां ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम से साफ इनकार करते हुए ब्रिटेन की देरी से मदद पर नाराजगी जताई। उधर, सूरत में एलपीजी संकट गहराने से प्रवासी मजदूरों का पलायन तेज हो गया है, जिससे उद्योगों में श्रमिकों की कमी भी बढ़ती जा रही है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर…

2 of 11
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : पीटीआई
मार्च में मानसून जैसे हालात
मार्च के महीने में ही देश के कई हिस्सों में मौसम ने मानसून जैसा रूप ले लिया है। पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवाओं के चक्रवाती प्रसार और उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण तक बारिश, तेज हवाएं, आंधी-तूफान, वज्रपात और ओलावृष्टि का दौर सक्रिय हो गया है। पढ़ें एक क्लिक पर…

3 of 11
ईद मुबारक
– फोटो : amar ujala
देशभर में ईद का जश्न आज
रमजान के पूरे तीस रोजे और इबादतों के बाद शुक्रवार को ईद का चांद दिखाई दिया। मस्जिदों से जानकारी दी गई और आसमान में रंग-बिरंगे पटाखे दिखाई दिए। अकीदतमंदों के चेहरे खुशी से खिल उठे और एक-दूसरे के गले लगकर चांद और ईद की मुबारकबाद दी। जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद समेत तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में शनिवार को देशभर में हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाने का एलान कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…

4 of 11
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
– फोटो : Amar Ujala Graphics
‘ईरान के साथ युद्धविराम नहीं’: ट्रंप ने बताया कब खत्म होगी जंग
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी संघर्ष पर अपनी सख्त टिप्पणी की। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा “हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन युद्धविराम पर कोई विचार नहीं है। ट्रंप ने कहा जब आप सामने वाले पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, तो युद्धविराम नहीं होता… हमारा मकसद यह नहीं है। पढ़ें एक क्लिक पर…

5 of 11
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
– फोटो : ANI
West Bengal: पहचान बनाम राष्ट्रीयता के बीच सिमटी असली लड़ाई
सियासी पारा चढ़ने के साथ पश्चिम बंगाल में इस बार भी तस्वीर साफ है…चुनाव किसी लहर या चेहरे से नहीं, बल्कि जमीन पर जमे समीकरणों से तय होगा। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस अपने मजबूत सामाजिक गठजोड़, महिला वोट बैंक और कल्याणकारी योजनाओं के सहारे लगातार चौथी पारी का दावा कर रही है। वहीं, भाजपा 2021 की हार से सबक लेते हुए क्षेत्रवार आक्रामक रणनीति के जरिए मुकाबले को सीधा और निर्णायक बनाने की कोशिश में है। 2021 के चुनावी आंकड़े को संकेत मानें, तो बंगाल में सत्ता की चाबी किसी बड़े नैरेटिव में नहीं, बल्कि उत्तर से दक्षिण तक फैले क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक गठजोड़ और वोट ट्रांसफर में छिपी है और यही समीकरण 2026 की बाजी तय करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
![]()











