सोनभद्र/एबीएन न्यूज। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के प्राचार्य/प्रधानाचार्य, छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, पिछड़ा कल्याण अधिकारी एवं अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्री सुधांशु शेखर शर्मा सहित संबंधित कार्मिकों की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा इस वर्ष छात्रवृत्ति के लिए एकीकृत समय सारणी बनाई गई है, जिससे तीनों विभागों की अलग-अलग समय सारणियों के कारण उत्पन्न समस्याओं का समाधान हो सकेगा। छात्रवृत्ति पोर्टल पर हुए संशोधन एवं प्रक्रियाओं की जानकारी पीपीटी एवं वीडियो के माध्यम से शिक्षण संस्थानों को दी गई और उसकी प्रतियां भी वितरित की गईं।
वर्ष 2024-25 में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले बच्चों के डेटा को पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य।
प्रथम चरण में 31 अगस्त 2025 तक सभी आवेदन रिसीव, रिजेक्ट या वेरीफाई कर अग्रसारित करने होंगे, ताकि 02 अक्टूबर को बच्चों को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाणपत्र प्रदान किया जा सके।
छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना अब सीएम डैशबोर्ड में शामिल है, जिसके तहत प्रत्येक माह की ग्रेडिंग आवेदन निस्तारण के आधार पर होगी।
ग्रेडिंग कम होने पर जिले के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और इसके लिए संबंधित संस्थान व अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति पोर्टल में संशोधन किया गया है। अब प्रत्येक छात्र को आवेदन से पूर्व वन टाइम रजिस्ट्रेशन करना होगा। शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया गया कि बच्चों को इसके बारे में कार्यशालाओं के माध्यम से अवगत कराएं और इसकी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से प्रस्तुत करें।

निर्देश एवं कार्यवाही:
शिक्षण संस्थान आवेदन को लंबित न रखें, समय पर रिजेक्ट या फॉरवर्ड करें।
आवेदनों का निस्तारण हर माह की अंतिम तिथि तक किया जाए, अन्यथा विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
छात्रवृत्ति से संबंधित तीनों अधिकारियों को छात्रवृत्ति सेल बनाकर पोर्टल का प्रतिदिन अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए।
पूर्वदशम-दशमोत्तर (कक्षा 9-12) की छात्रवृत्ति की निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित करें ताकि 02 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा सके।
बैठक में आधार संशोधन से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गई। शिक्षण संस्थानों द्वारा कक्षा 9 के छात्रों के जन्म प्रमाण पत्र, आधार और टीसी में विसंगति को दूर करने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।