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90s के दौर में नदीम-श्रवण का क्रेज किसी बॉलीवुड सुपरस्टार से कम नहीं था. नदीम अपने बड़बोलेपन के लिए भी जाने जाते थे. एक बार उन्होंने बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सुभाष घई के सामने एक अजीब सी शर्त रखी थी. नदीम सैफी ने कहा था कि अगर आप हमारा म्यूजिक चाहते हैं तो सबसे पहले दो नई कारें हमें खरीदकर दीजिए. आइये जानते हैं फिर आगे क्या हुआ?
23 जुलाई 1990 को रिलीज हुई ‘आशिकी’ मूवी ने बॉलीवुड में अपने गीत-संगीत से बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी. नदीम-श्रवण की जोड़ी रातोंरात फेमस हो गई थी. ‘नजर के सामने, जिगर के पास’, ‘तू मेरी जिंदगी है, तू मेरी आशिकी है’ ‘दिल का आलम’ लगभर हर गाना गली-मोहल्ले, पान की दुकानों में गूंज रहा था. म्यूजिक कंपोजर नदीम-श्रवण ने यह करिश्मा कई बार दोहराया. उनका म्यूजिक ही फिल्म की सफलता की गारंटी बन गया था. कई बार तो कमजोर कहानी वाली फिल्मों ने नदीम-श्रवण के म्यूजिक के चलते बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस किया और अपनी लागत निकाली. नदीम ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि वो फिल्म में म्यूजिक देने से पहले ही उसके हिट होने की गारंटी दे देते थे. एक बार तो नदीम ने फिल्म का म्यूजिक देने से पहले ही मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सुभाष घई से दो नई कारें मांग ली थीं. इतना ही नहीं, उन्होंने एग्रीमेंट साइन करने से भी इनकार कर दिया था. क्या था दिलचस्प किस्सा, आइये जानते हैं…

1997 में शो मैन के नाम से मशहूर सुभाष घई की एक फिल्म 15 अगस्त से एक हफ्ते पहले पर्दे पर आई थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त सफलता हासिल की थी. इस फिल्म में नदीम-श्रवण ने म्यूजिक दिया था. फिल्म का म्यूजिक बहुत ही हटकर था. ‘आई लव माय इंडिया’ जैसे गाने को 15 अगस्त पर पूरे देश में सुना जाता है. ‘जरा तस्वीर से तुम…’ जैसे रोमांटिक सॉन्ग को कौन भुला सकता है. रेडियो नशा को दिए एक इंटरव्यू में नदीम ने इस फिल्म के म्यूजिक कंपोज का दिलचस्प किस्सा सुनाया था. नदीम के मुतातिक, ‘टिप्स कंपनी के मालिक रमेश तौरानी का उनके पास फोन आया था. उन्होंने नदीम से सुभाष घई के बंगले में जाकर उनसे मुलाकात करने की रिक्वेस्ट की. नदीम ने इनकार कर दिया. बहुत जोर देने पर वह श्रवण को साथ लेकर सुभाष घई के घर पहुंचे. घई ने कहा था कि ‘मेरे साथ काम करने के लिए दो चीजें करनी होंगी. दिलीप कुमार और राजकुमार भी मेरे साथ काम करने के लिए एंग्रीमेंट करते थे. वो एक बार सेट पर आने के बाद शाम 6 बजे के पहले सेट से नहीं जा सकते थे. यह सुनकर मैंने उनसे कहा कि मैं इन शर्तों को नहीं मानूंगा. किसी एग्रीमेंट पर भी साइन नहीं करूंगा. अगर आपको हमारा म्यूजिक चाहिए हो तो पहले दो गाड़ियां हमें दीजिए.’

<br />नदीम आगे बताते हैं, ‘इतना सुनते ही सुभाष घई गुस्से से आगबबूला हो गए. उन्होंने इसकी वजह पूछी तो मैंने कहा कि मैं आपकी लाइफ का बेस्ट म्यूजिक देने वाला हूं. मैंने यह सब बड़बोलेपन में ही बोला था. श्रवण ने मुझे कोहनी मारी और इशारा किया कि मैं ये सब क्यों कर रहा हूं. घई ने गुस्से में फोन उठाया और अपने साले को फोन लगाया. शो रूम में फोन कनेक्ट किया गया और उन्होंने दो नई ओपल गाड़ियां ऑर्डर कर दीं. और फोन जोर से पटक दिया और मेरी तरफ देखने लगे. फिर बोले कि अब धुन सुनाओ, मैंने गाड़ियां ऑर्डर कर दी हैं. इसके बाद मैंने उनसे कहा कि ‘आप मुझे स्टोरी की ब्रीफ लाइन सुनाइए. उन्होंने संक्षेप में मुझे बहुत ही खूबसूरत स्टोरी सुनाई. मैंने भी उसी समय तीन गाने स्टोरी लाइन के मुताबिक सुनाए, जिसमें एक ‘जरा तस्वीर से तुम’ भी था.’

नदीम उस विशेष क्षण को याद करते हुए बताते हैं, ‘तीन गाने सुनते ही सुभाष घई ने मुझे गले लगा लिया था. उस समय कोई उन्हें टच नहीं कर सकता था. उन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया. हमारे बीच बहुत नोकझोंक होती थी. मैं काम में बंदिश स्वीकार नहीं करता था. फिर चाहे कोई कितना भी बड़ा इंसान हो. एक बार तो मैंने पैकअप कर लिया था. हम लोग स्टूडियो से जाने लगे थे. फिर उन्होंने मुझे समझाया.’

10 करोड़ में बनी थी परदेश : परदेश मूवी 10 करोड़ में बनी थी. फिल्म में शाहरुख खान और महिमा चौधरी लीड रोल में थे. फिल्म ने 41 करोड़ की कमाई की थी. 1997 की यह चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. फिल्म के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर सुभाष घई थे. फिल्म के डायलॉग जावेद सिद्दिकी ने लिखे थे. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. फिल्म को IMBD ने 6.9 की रेटिंग दी हुई है. बात नदीम सैफी की निजी जिंदगी की करें तो गुलशन कुमार हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद वह इंग्लैंड भाग गए. फिर वापस नहीं लौटे. उनके जोड़ीदार श्रवण राठौर की 22 अप्रैल 2021 में कोरोना से मौत हो गई थी.
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