सोनभद्र / एबीएन न्यूज। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में “नारी शक्ति का सम्मान” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं की भूमिका, उनके योगदान और सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय चिकित्सालय सिंगरौली की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) श्रीमती मंजरी मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि डीएवी ककरी की प्रधानाचार्य श्रीमती अर्चना दुबे और निगाही की योग प्रशिक्षक श्रीमती स्वप्निल श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में एनसीएल मुख्यालय के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में महिला कर्मियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती मंजरी मेहता ने अपने संबोधन में स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जीवन में छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही बड़े बदलाव का आधार बनती हैं। उन्होंने बताया कि संतुलित दिनचर्या, सकारात्मक सोच और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता से व्यक्ति का जीवन अधिक स्वस्थ और खुशहाल बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में श्रीमती अर्चना दुबे ने कहा कि नारी केवल परिवार और समाज का हिस्सा ही नहीं, बल्कि परिवर्तन और प्रगति की एक सशक्त धुरी है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए महिलाओं को सकारात्मक सोच अपनाने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसी क्रम में योग प्रशिक्षक श्रीमती स्वप्निल श्रीवास्तव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मन की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है। यदि मन मजबूत हो तो व्यक्ति जीवन की हर चुनौती का सामना आसानी से कर सकता है। उन्होंने महिलाओं से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीएल की महिला कर्मियों ने नारी शक्ति पर आधारित भावपूर्ण कविताओं और गीतों की प्रस्तुति देकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एनसीएल की सभी परियोजनाओं और इकाइयों में भी विभिन्न जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके योगदान को रेखांकित करना रहा।
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