ये वो डायरेक्टर है, जिसने अपने भाई को सुपर स्टार बनाया. 70-80 के दशक में कई शानदार फिल्में बनाई. कई हिट हुई और कई तो कल्ट की लिस्ट में शुमार हुईं. फिल्मों से जाने-पहचाने गए, लेकिन निजी जिंदगी में सुर्खियों में छा गए, जब शादीशुदा होते हुए भांजी से दिल लगा बैठे और हिंदू रीति-रिवाजों को ठेंगा दिखाकर दूसरी शादी कर ली.
देवानंद से है खास रिश्ता
कॉलेज के दौरान बढ़ा सिनेमा से प्यार
मां के निधन के बाद विजय आनंद ने मुंबई से उन्होंने पढ़ाई पूरी की. कॉलेज के दौरान ड्रामा की तरफ उनकी रुझान बढ़ने लगा और फिर उन्होंने प्ले लिखना भी शुरू कर दिया. कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखनी भी शुरू कर दी थी, क्योंकि उन्हें यकीन था कि उनका भविष्य भी भाईयों की तरह फिल्मों में ही है. देवानंद और चेतन आनंद नवकेतन प्रोडक्शन हाउस चलाते थे और वह इसी प्रोडक्शन हाउस में काम करना चाहते थे. विजय आनंद को डायरेक्टर बनाने वाले उनके भाई देवानंद ही हैं.
विजय आनंद ने अपनी बड़ी बहन की बेटी से दूसरी शादी की थी. फोटो साभार-@IMDb
कौन थी विजय आनंद की पहली पत्नी?
बड़ी बहन की बेटी से की दूसरी शादी
1978 में विजय आनंद ने ‘राम बलराम’ फिल्म की शूटिंग के दौरान भारतीय समाज के तमाम नियमों-रिवाजों को ताक पर रख दिया और अपनी बड़ी बहन की बेटी यानी सगी भांजी सुषमा कोहली से ही दूसरी शादी कर ली. तब तक लवलीन थडानी से उनका तलाक नहीं हुआ था. इस शादी को लेकर उनके परिवार में भी जमकर बखेड़ा हुआ. हालांकि, अब दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं. दोनों का एक बेटा वैभव हुआ जो फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं.
जब पहली पत्नी ने जताई फिल्मों में काम करने की इच्छा
असल जिंदगी में बेहद शर्मीले थे विजय आनंद
सुषमा कोहली ने 2018 में एक इंटरव्यू दिया था. इस बातचीत में उन्होंने बताया कि पति विजय आनंद असल जिंदगी में बेहद शर्मीले थे. सुषमा ने बताया, ‘वह बेहद शांत स्वभाव के व्यक्ति थे. कभी गुस्सा नहीं कर सकते थे, इसके उलट मैं ही कभी-कभी गुस्सा कर बैठती थी. हमने 1978 में ‘राम-बलराम’ की शूटिंग के दौरान शादी की थी. उन्हें जानबूझकर चिढ़ाया करती थी. कभी वो मुझे समझाते थे और कभी मैं पूरे मामले को संभाल लेती थी.’
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