बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। एनसीएल प्रोजेक्ट में ओबी (ओवर बर्डन) हटाने का कार्य कर रही चेन्नई राधा इंजीनियरिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्राम बांसी के प्रधान प्रतिनिधि ने शनिवार को आरोप लगाया कि कंपनी विस्थापितों के साथ दोहरा व्यवहार कर रही है और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के समझौते का पालन नहीं किया जा रहा।
प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि एनसीएल, ओबी प्रबंधक और थाना शक्तिनगर प्रभारी के बीच पहले यह सहमति बनी थी कि परियोजना से विस्थापित हुए लोगों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। लेकिन कंपनी के अधिकारी चालकों का ट्रायल लेकर उन्हें जानबूझकर फेल कर देते हैं और नौकरी से बाहर कर देते हैं। उनका कहना है कि जिन चालकों को फेल किया जा रहा है, वे पहले कई कंपनियों में कार्य कर चुके हैं और अनुभव रखते हैं।
आरोप है कि फेल करने की प्रक्रिया मनमाने ढंग से की जा रही है और इसका असर ज्यादातर विस्थापित परिवारों पर पड़ रहा है। इस विषय पर जब कंपनी से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
प्रधान प्रतिनिधि ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में एनसीएल के अधिकारियों को सूचित कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण कंपनी के काम में बाधा डालेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी।
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