चीन के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को भारत आ रहे हैं। वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र के तहत वार्ता करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सीमा विवाद पर बंद कमरे में एनएसए से करेंगे वार्ता
वांग यी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी चीन के तियानजिन शहर की यात्रा तय है। प्रधानमंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सूत्रों ने बताया कि वांग यी का भारत दौरा मुख्य रूप से सीमा विवाद को लेकर अगले दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता को लेकर होगा।
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कजान में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात के बात संबंधों में सुधार
सीमा से जुड़े मुद्दों पर वार्ता के लिए वांग यी और अजीत डोभाल दोनों को अपने-अपने देशों का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। डोभाल पिछले साल दिसंबर में चीन गए थे और वहां उन्होंने वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि वार्ता की थी। कजान (रूस) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक हुई थी, जिस दौरान वार्ता के विभिन्न तंत्रों को दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया था।
ट्रंप के टैरिफ के एलान के बाद करीब आ रहे भारत-चीन
भारत और चीन के संबंधों में यह गर्माहट ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के एलान के बाद डोभाल ने रूस का भी दौरा किया था और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। भारत और चीन के बीच जून, 2020 में लद्दाख की गलवां घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में संबंधों में सुधार दिखा है।













