हैदराबाद के पुराने शहर स्थित चांद्रायणगुट्टा जोन के बरकास इलाके में श्री द्विमुखी हनुमान मंदिर को लेकर बुधवार की सुबह तेज हंगामा हुआ. खबरों के मुताबिक, मंदिर में विराजमान हनुमान जी की 400 साल पुरानी मूर्ति को ध्वस्त कर दिए जाने की अफवाह ने इलाके में सनसनी फैला दी. सुबह जब मंदिर के पुजारी और स्थानीय भक्त दर्शन के लिए पहुंचे, तो वहां मूर्ति के अंश बिखरे हुए देखकर आक्रोशित हो उठे, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा. हालांकि, तत्काल पहुंची पुलिस ने स्थिति पर काबू पाते हुए स्पष्ट किया कि मूर्ति पर लगा ‘चंदन’ (लेप) समय के साथ गिर गया है, जबकि मूल मूर्ति सुरक्षित है.
मंदिर में घुसकर मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना था कि अज्ञात बदमाशों ने रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए मंदिर में घुसकर मूर्ति को नुकसान पहुंचाया है. सुबह जैसे ही यह खबर फैली, इलाके में तनाव का माहौल बन गया और लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस बीच, चांद्रायणगुट्टा इंस्पेक्टर आर. गोपी ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि प्राथमिक जांच में किसी भी तरह की छेड़छाड़ या हमले के सुराग नहीं मिले हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी मूर्ति पर लगा चंदन सूखने के कारण गिर गया, जिसे लोगों ने मूर्ति टूटने के रूप में गलत समझा. पुलिस ने मामले की गहराई से जांच के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि किसी भी तरह की साजिश का पता लगाया जा सके.
पुलिस ने की सोशल मीडिया पर अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
इस घटना के मद्देनजर एसीपी (ACP) एस. श्रीनिवास ने मीडिया को संबोधित करते हुए जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है और जो भी व्यक्ति अफवाह फैलाकर या कानून का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई हिस्सों में मंदिरों में मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण समुदाय विशेष में असंतोष और भय का माहौल है. इसी कारण बरकास की इस घटना ने लोगों के भीतर बैठी इस चिंता को और बढ़ा दिया, हालांकि पुलिस प्रशासन इसे कोई साजिश नहीं, बल्कि एक तकनीकी कारण बता रहा है. अभी के समय में प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार बैठा है.













