दो माह पहले पुलिस मुठभेड़ में गोली मारकर गिरफ्तार किए गए आरोपी आसे उर्फ आशाराम की जिला जेल में बुधवार की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि वह शौचालय में गिर गया था। मृतक के भाई ने हत्या का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
रामपुर जिले के सैफनी थाना क्षेत्र के चौकोनी निवासी आशे उर्फ आशाराम को बिलारी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में बंद था। आसे के खिलाफ बिलारी में हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी, अपहरण और पाॅक्सो एक्ट के मामले में मुकदमा दर्ज हैं।
जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि आसे उर्फ आशराम के पैर में गोली लगी थी। वह छड़ी के सहारे चलता था। बुधवार की शाम करीब चार बजे वह शौचालय गया था और गिर गया। अन्य बंदियों ने उसे बेहोशी की हालत में पड़ा देखा तो शोर मचा दिया।
उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से जिला अस्पताल भेजा गया लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बंदी के परिवार को सूचना दी गई।
जिला अस्पताल की मोर्चरी पर पहुंचे मृतक के भाई दान सिंह का आरोप है कि जेल में उसके भाई की हत्या की गई है। उसका दावा है कि मंगलवार जेल में आशाराम के साथ मारपीट की गई थी। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
बंदी लंबे समय से बीमार चल रहा था। 15 दिन पहले भी मेरठ के मेडिकल कालेज में उसका इलाज कराया गया था। जेल में बंदी के साथ कोई घटना नहीं हुई है। आलोक सिंह, जेल अधीक्षक











