लखनऊ/एबीएन न्यूज। अनुसंधान डिज़ाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) में 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे देशभक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह आरडीएसओ के न्यू ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ, जहां महानिदेशक श्री उदय बोरवणकर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टुकड़ी द्वारा दी गई सलामी स्वीकार की।
ध्वजारोहण के उपरांत महानिदेशक महोदय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आरडीएसओ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अथक परिश्रम और समर्पण की सराहना की, जिनके प्रयासों से भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और प्रगति को निरंतर गति मिल रही है।
अपने संबोधन में महानिदेशक श्री बोरवणकर ने संगठन की प्रमुख तकनीकी उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। इनमें रेल संचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘कवच’ प्रणाली का उद्योग भागीदारों के सहयोग से विकास और इसका संशोधित संस्करण 4.0 जारी करना, सिगनलिंग डिज़ाइन ऑटोमेशन टूल (SigDATE) का आईआईटी खड़गपुर के साथ स्वदेशी विकास, वर्ष 2025-26 में विभिन्न रोलिंग स्टॉक के 42 गति प्रमाणपत्र की जांच, वंदे भारत स्लीपर रेक के दोलन एवं आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी परीक्षण, यात्री सुविधाओं में सुधार हेतु IOT आधारित जल स्तर संकेतक के विनिर्देश जारी करना तथा हाइड्रोजन ट्रेन निर्माण के लिए आवश्यक विनिर्देश जारी करना शामिल हैं।
उन्होंने महिला कर्मचारियों के लिए अनुसंधान भवन एवं मानक भवन में ‘लेडीज़ रूम’ की स्थापना, पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत 6000 पौधों के वृक्षारोपण, पक्षी विहार एवं बटरफ्लाई गार्डन के विकास जैसे प्रयासों की भी सराहना की।
समारोह में महानिदेशक महोदय ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 05 कर्मचारियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
इस अवसर पर श्रीमती मनीषा बोरवणकर, अध्यक्षा रेल महिला कल्याण संघ, आरडीएसओ ने अन्य सदस्याओं के साथ आरडीएसओ चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं, शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उपहार वितरित किए। कार्यक्रम में आरडीएसओ के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में शामिल हुए और स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
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