हिमाचल प्रदेश में तीन अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। किन्नौर में भूस्खलन से दिल्ली के युवक-युवती की जानी गई। चंबा में गाड़ी गिरने से तीन लोगाें की मौत हुई। जन्माष्टमी मनाने युला कंडा जाते हुआ भूस्खलन होने और मणिमहेश यात्रा पर आ रहे पंजाब के श्रद्धालुओं की कार रावी नदी में समाने से यह जानी नुकसान हुआ। नालागढ़ के पुरला गांव में जमीन धंसने से पांच घर खाली कराए गए हैं। सोलन पुलिस लाइन के समीप सर्विस लेन में दरारें पड़ गई हैं। किरतपुर-मनाली फोरलेन सात जगह-जगह भूस्खलन होने से सात घंटे बंद रहा। शनिवार शाम तक प्रदेश में आनी-कुल्लू, रामपुर-काजा एनएच सहित 311 सड़कें, 348 बिजली ट्रांसफार्मर और 119 पेयजल योजनाएं ठप रही।
किन्नौर जिले के प्रसिद्ध युला कंडा में श्रीकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी पर्व पर मनाने जा रहे युवक-युवती भूस्खलन के चपेट में आ गए। पुलिस ने मृतकों की पहचान प्रशील बागमारे आयु 27 पुत्र सिद्धार्थ बागमारे निवासी रामा विहार गली नंबर 04 हाउस नंबर सी 173 दिल्ली 86 और रश्मि राम पुत्री आयु 25 अनिल राम निवासी आरजेड-26ए बी ब्लॉक अर्जुन बेस नवाबगढ़ नई दिल्ली के रूप में की है।चंबा में भारी बारिश और धुंध के चलते बीते वीरवार रात को दो सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हुई गई जबकि एक लापता है। हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनका मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार चल रहा है।
पहला हादसा भरमौर-पठानकोट हाईवे पर दुर्गेठी के समीप हुआ। मणिमहेश यात्रा पर आ रहे पंजाब के श्रद्धालुओं की कार रावी नदी में समा गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और एक लापता है। दूसरा हादसा सुल्तानपुर-जोत मार्ग पर हुआ। बारिश और धुंध के कारण कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिसमें चालक की मौत हो गई। मंडी में किरतपुर-मनाली फोरलेन सात घंटे बाद यातायात के लिए बहाल हुआ। एनएच 9 मील, जागर नाला, पंडोह डैम के पास कैंची मोड़, दयोड़, जोगणी माता मंदिर और दवाडा फ्लाईओवर ठप रहा।
कुछ स्थानों पर नालों का पानी और मलबा भी हाईवे पर आ गया, जिससे लोग वाहनों के साथ फंसे रहे। जागर नाले के पास एनएच पर दलदल में दो वाहन फंस गए, जिन्हें कड़ी मशक्कत कर निकाला गया। सामरिक दृष्टि से अहम मंडी-पठानकोट हाईवे पर घट्टा से गुम्मा तक पहाड़ दरकने से वाहन चालकों में परेशानियों का सामना करना पड़ा। किरतपुर-मनाली फोरलेन पर मंडी-पंडोह मार्ग स्थित नौ मील में भूस्खलन वाली जगह के ऊपर भारी बारिश के कारण 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन का एक बड़ा टावर शनिवार सुबह धराशायी हो गया।
यह टावर काफी समय से एक ओर झुका हुआ था। टावर क्षतिग्रस्त होने से पंडोह, इलाका सराज और इलाका नाचन में अंधेरा छा गया। शनिवार को हमीरपुर में तीन कच्चे घरों और चार गोशालाओं को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। हमीरपुर में निर्माणाधीन बस अड्डा के समीप भूस्खलन होने के कारण नादौन-हमीरपुर मार्ग का कुछ हिस्सा यातायात के लिए बंद है। जिला कांगड़ा में पौंग बांध से छोड़े गए पानी से भोगरवां में तीन मंजिला घर क्षतिग्रस्त हो गया। जिले में दो कच्चे घर ढह गए और एक पक्के मकान और पांच कच्चे घरों को क्षति पहुंची है। पांच गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। भारी बारिश के चलते ऊना में चार गोशालाएं और दो मकान ढहे हैं। खेतों में पानी भरने से लोगों की फसलें तबाह हो गई। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली।
आज कई जिलों के कुछ क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला के कुछ क्षेत्रों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 18 अगस्त को सिर्फ कांगड़ा और 19 को कांगड़ा व मंडी में बारिश के आसार हैं। शेष जिलों में मौसम मिलाजुला बना रहेगा। हल्की बारिश के साथ धूप खिलने की अन्य जिलों में संभावना है। प्रदेश में 22 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।
मानसून में अब तक 257 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 16 अगस्त तक 257 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 331 लोग घायल हुए हैं। 37 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 124 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 2,726 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 2,157 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,625 पालतु पशुओं की मौत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 2144 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।











