इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग पर लगातार हमलावार है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव व अन्य विपक्षी नेताओं के साथ मतदाता पुनरीक्षण कार्य के विरोध में वोट अधिकार यात्रा कर रहे हैं। अब तक वह रोहतास, नवादा, नालंदा, गया और शेखपुरा में यात्रा के जरिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर कई तरह के आरोप भी लगा चुके हैं। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशित होने के 20 दिन बाद भी अब तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से दावा या आपत्ति नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने बुधवार सुबह मतदाता पुनरीक्षण कार्य का डेली बुलेटिन जारी किया।
नए मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए फॉर्म भरा इतने युवाओं ने भरा फॉर्म
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि अब तक एक लाख 98 हजार 660 युवाओं ( 18 वर्ष या उससे अधिक) ने मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने और नए मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए फॉर्म भरा है। चुनाव आयोग ने फिर से अपील करते हुए कहा कि एक अगस्त को जारी की गयी बिहार की प्रारूप मतदाता सूची में कोई भी त्रुटि दूर करने के लिये अपने दावे और आपति दर्ज करें। अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने एक भी दावा या आपत्ति नहीं दर्ज की है। चुनाव आयोग के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के राजनीतिक दलों के बीएलए की संख्या एक लाख 60813 है। लेकिन, अब तक किसी भी राजनीतिक दल के बीएलए की ओर से प्रारूप निर्वाचक नामावली के संबंध में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर दावा या आपत्ति नहीं किया गया है।
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राहुल गांधी बोले- एसआईआर के नाम पर गरीबों का वोट लूट रहा है
सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एसआईआर के नाम पर गरीबों का वोट लूट रहा है और लाखों नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। एक स्थानीय किसान का उदाहरण देते हुए राहुल ने कहा कि जीवित और सक्रिय मतदाता को मृत घोषित कर दिया गया है। राहुल ने जनता से पूछा कि क्या आप मानते हैं कि वोट चोरी हो रही है?”, जिस पर लोगों ने जोरदार समर्थन में ‘हां’ कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।