बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश देवाशीष ने हत्या के दोषी मीरगंज थाने के गांव करनपुर निवासी सुरजीत को उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की पूरी रकम मामले में वादी मृतक के भाई को देने का आदेश भी दिया है। इस मामले में 16 माह में सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने बृहस्पतिवार को फैसला दिया है।
मीरगंज थाने के गांव करनपुर निवासी राजपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बड़ा भाई नेपाल सिंह उर्फ विधायक अविवाहित था। वह खेत पर ही अपने नलकूप की झोपड़ी में रहता था। 22 अप्रैल 2024 की रात नौ बजे गांव के केंद्रपाल सिंह ने सूचना दी कि नेपाल सिंह चक रोड के पास खून से लथपथ पड़ा है। किसी ने उसको बेरहमी से मारा है।
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वह अपने बेटे रोहित सिंह व केंद्रपाल सिंह के साथ झोपड़ी पर गए तो रास्ते में गांव का ही सुरजीत गांव की ओर भागता हुआ दिखा। झोपड़ी से आगे पहुंचने पर चक रोड पर नेपाल सिंह खून से लथपथ पड़ा मिला। उसके चेहरे पर चोटों के गहरे निशान थे और उसकी मौत हो चुकी थी। गांव के काफी लोग भी मौके पर आ गए।