पितृ दोष तब बनता है जब कुंडली में राहु, केतु या शनि ग्रह सूर्य या चंद्रमा के साथ अशुभ स्थिति में हो. जब पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण या कर्म ऋण पूरा न हो तो पितृ दोष लगता है. आइए जानते हैं इसके लक्षण के बारे में.

घर में आय की अपेक्षा खर्च काफी ज्यादा होना. बार-बार पैसों की तंगी रहना और कर्ज चुकाने के बाद भी कर्ज का बोझ रहना.

घर में लोगों के विचार आपस में न मिलना, जिसके कारण आए दिन घर में कलह-क्लेश होना.

घर में अच्छी आय होने पर भी बरकत नहीं होना. पैसों की बचत नहीं कर पाना भी पितृ दोष के लक्षणों में शामिल है.

शुभ और मांगलिक कामों में दिक्कतों का सामना करना और मेहनत करने के बाद भी फल प्राप्त नहीं होना.

बच्चों की शादी में देरी या काफी परेशानियों का सामना करना भी पितृ दोष के लक्षण है.
Published at : 23 Aug 2025 03:38 PM (IST)
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