सरकार का रुख और आधिकारिक बयान
ई20 ईंधन को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच, सरकार इसके फायदे लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। जिसमें कहा गया, “इथेनॉल की ऊर्जा घनता पेट्रोल की तुलना में कम होने के कारण माइलेज में मामूली गिरावट हो सकती है। चार-पहिया वाहनों के लिए, जो E10 डिजाइन और E20 के लिए कैलिब्रेटेड हैं, माइलेज में लगभग 1-2 प्रतिशत गिरावट हो सकती है, और अन्य वाहनों में यह 3-6 प्रतिशत तक हो सकती है। यह मामूली गिरावट इंजन ट्यूनिंग और E20-फ्रेंडली मटेरियल के इस्तेमाल से कम की जा सकती है, जिसे प्रमुख वाहन निर्माता पहले ही अपना चुके हैं।
E20 की सुरक्षा मानक, जैसे कि जंग रोकने वाले पदार्थ और ईंधन सिस्टम के अनुकूल मटेरियल, BIS और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के अनुसार निर्धारित हैं। कुछ पुराने वाहनों में 20,000- 30,000 किलोमीटर के लंबे इस्तेमाल के बाद रबर पार्ट्स या गैसकेट बदलने की सलाह दी जा सकती है। यह बदलाव सस्ता है और नियमित सर्विसिंग के दौरान आसानी से किया जा सकता है।”
📑Some articles/ reports in the media have raised concerns about the potential negative impact of 20% ethanol blending (E20) in petrol, particularly with regard to older vehicles and customer experience. These concerns, however, are largely unfounded and not supported by…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) August 4, 2025
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