गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत आज 27 अगस्त 2025 से हो चुकी है. इस दौरान भक्त बप्पा की मूर्ति घर पर लाते हैं और श्रद्धा पूर्वक स्थापना करते हैं. इसके 10 दिनों बाद प्रेमपूर्वक बप्पा का विसर्जन कर दिया जाता है. हालांकि कुछ लोग डेढ़, 3, 5 या 7 दिनों के बाद भी विसर्जन कर देते हैं.

गणपति उत्सव में बप्पा का घर आना पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता से भर देता है. बप्पा के घर आते हैं वातावरण पवित्र और शुद्ध हो जाता है. लेकिन आपको भी ध्यान रखना होगा कि, जब तक गणपति आपके घर पर रहें, तब कुछ कामों को करने से बचें, वरना इसका असर सुख-शांति पर पड़ सकता है.

गणपति स्थापना के दिन से लेकर जब तक बप्पा आपके घर पर रहें तब तक वातावरण को शांतिपूरण और शुद्ध रखें. इस दौरान क्रोध, लड़ाई-झड़गा न करें. ऐसा कोई काम न करें, जिससे घर पर कलह-क्लेश जैसी स्थिति उत्पन्न हो.

गणोशोत्सव के दौरान घर पर सात्विकता का भी पालन करें. लहसुन-प्याज या मांसाहार भोजन से पूरी तरह दूर रहें और घर पर शराब या किसी तरह के नशीले वस्तुओं का सेवन भी न करें.

गणपति के घर पर होने से घर को भी पूरी तरह से साफ-सुथरा रखें. खासकर पूजास्थल के पास किसी तरह की गंदगी नहीं होनी चाहिए. इस स्थान पर ताजे फूल-माला रखें और वातावरण को सुगंधित रखें.

ऐसी भी मान्यता है कि, गणपति उत्सव के समय बाल-दाढ़ी या नाखून भी नहीं काटने चाहिए. साथ ही घर पर जूते-चप्पल पहनकर भी नहीं आना चाहिए. इससे बप्पा का अपमान होता है.
Published at : 27 Aug 2025 12:41 PM (IST)
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