सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत के दौरान दिग्गज एक्टर आशीष विद्यार्थी ने शम्मी कपूर के उन शब्दों को याद किया जो उनके लिए जीवन की सीख बन गए. उन्होंने याद बताया कि कैसे राजेश खन्ना के हीरो बनते ही लोग उन्हें (शम्मी कपूर) को खुलआम ताने मारा करते थे.
राजेश खन्ना बने सुपरस्टार तो शम्मी कपूर को मिलने लगे ताने
लोग तुम्हें छोड़ देंगे, जो तुम्हारी तारीफ…
आशीष ने आगे कहा कि शम्मी कपूर के ये शब्द उनके मन में हमेशा के लिए बस गए. उन्होंने समझाया, ‘उनका मतलब था कि लोग तुम्हें छोड़ देंगे. वही लोग जो तुम्हारी तारीफ करते थे, एक दिन दूर चले जाएंगे और तुम अकेले रह जाओगे. सफलता तुम्हारी किस्मत से मिली है, इसलिए उस पल का जश्न मनाओ, लेकिन उसे हमेशा का मत समझो.’
डांस स्टाइल, चार्म और वर्सेटाइल एक्टिंग से बने ‘रेबेल स्टार’
शम्मी कपूर 1960 के दशक के सुपरस्टार थे, जिन्हें उनके डांस स्टाइल, चार्म और वर्सेटाइल एक्टिंग के लिए जाना जाता है. उन्होंने कई हिट फिल्में की हैं, जिसमें ‘प्रोफेसर’ (1962), ‘कश्मीर की कली’ (1964), ‘तीसरी मंजिल’ (1966), ‘ब्रह्मचारी’ (1968) और ‘एन इवनिंग इन पेरिस’ (1967) जैसी कई फिल्में उन्होंने की. उन्हें ‘रेबेल स्टार’ का नाम दिया गया. 2011 में भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. 1970 के दशक में राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन के उभरने के बाद शम्मी ने लीड रोल्स से दूरी बना ली थी.











