सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। इसके तहत सोनभद्र में आगामी पांच सालों में 11 नए पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इनमें आठ पंप स्टोरेज (बारिश के पानी से बिजली उत्पादन) और तीन कोयला आधारित विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है, स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं और मृदा परीक्षण सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। दावा है कि डेढ़ साल के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और वर्ष 2030-32 तक परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इसके बाद जिले की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 32,970 मेगावाट हो जाएगी।
वर्तमान में जिले में 12,809 मेगावाट क्षमता के विभिन्न पावर प्लांट सक्रिय हैं, जिनमें अनपरा, ओबरा, लैंको, रिहंद-सिंगरौली सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन और रेणुसागर प्रमुख हैं। इनसे प्रतिदिन औसतन 11 से 12 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर नए पावर प्लांटों के लिए औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके।