आगरा में एसटीएफ और औषधि विभाग की टीम ने नौ दिन की जांच में नकली दवा मामले में बड़ा खेल पकड़ा है। संजय बंसल और उसके परिजन की फर्म से पांच महीने में चार राज्यों में 150 करोड़ रुपये के कारोबार का टर्नओवर मिला है। वहीं टीम को रिश्वत की पेशकश करने में दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रकरण में अब तक तीन केस दर्ज हो चुके हैं। इस सिंडिकेट का खुलासा करने के लिए पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं। एसआईटी में 15 विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। जांच के बाद आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
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agra fake medicine raids
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि नकली दवाओं का कई राज्यों में नेटवर्क सामने आने पर इसके खुलासे के लिए एसआईटी गठित की जा रही है। इसमें पुलिस के 10 से अधिक इंस्पेक्टर और दरोगा भी होंगे। एसआईटी प्रभारी अपर पुलिस आयुक्त आदित्य सिंह होंगे। अवैध और नकली दवाएं कहां से मंगाई, कहां गोदाम हैं और इन्हें कहां खपाया जा रहा है। इन सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जाएगी। शिकायतों की भी गोपनीय जांच की जाएगी।
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वहीं सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि बंसल मेडिकल एजेंसी के संचालक संजय बंसल और उसके भतीजे शोभित बंसल के तीन गोदाम की जांच में गड़बड़ी मिली है। कंप्यूटर खंगालने पर एक अप्रैल 2025 से अगस्त तक करीब 150 करोड़ रुपये के दवा कारोबार का टर्नओवर का अनुमान है।
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जांच पूरी होने पर ही सही स्थिति स्पष्ट होगी। गोदाम दो-तीन मंजिला हैं और इनमें बुखार-खांसी, एंटीबायोटिक, मधुमेह, एंटी एलर्जिक समेत विभिन्न मर्ज की दवाएं शामिल हैं। इससे पहले हे मां मेडिको का संचालक हिमांशु अग्रवाल एक करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश करने के मामले में जेल भेजा जा चुका है। उसका गोदाम भी सील है। अभी तक की कार्रवाई में 3.5 करोड़ की दवाएं जब्त की गई हैं और जांच के लिए दवाओं के 24 नमूने लिए गए हैं।
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गोदाम में जांच करती टीम।
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इन विभागों के अधिकारी होंगे शामिल
एसआईटी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, पुलिस, प्रशासन, जीएसटी विभाग, आयकर विभाग, श्रम विभाग, आबकारी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, मद्य निषेध विभाग समेत कुल 15 विभागों के अधिकारियों की सूची बनाई जा रही है। टीम में शामिल अधिकारियों के नाम शासन को भी भेजे जाएंगे। इनकी पूरी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को दी जाएगी।