जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ उपखंड क्षेत्र के सांगड थाना इलाके में मंगलवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। डांगरी गांव के किसान खेत सिंह की उस समय बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब वह अपने खेत में सो रहे थे। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से सामने आया है कि यह हत्या हिरण के अवैध शिकार का विरोध करने के चलते की गई।
खेत में सोते समय बदमाशों का हमला
ग्रामीणों के अनुसार, किसान खेत सिंह रोज की तरह अपने खेत में रात बिताने गए थे। आधी रात को गांव के ही कुछ बदमाश वहां पहुंचे और धारदार हथियार से उनके सिर पर वार कर दिया। हमले की गंभीरता इतनी थी कि खेत सिंह उठ भी नहीं पाए और वहीं खून से लथपथ हालत में तड़पते रहे। सुबह जब किसान खेतों में काम करने पहुंचे तो उन्हें गंभीर रूप से घायल देखा और तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी। पहले उन्हें फतेहगढ़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर बाड़मेर रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दस दिन पुरानी रंजिश बनी वजह
मृतक के भाई स्वरूप सिंह ने पुलिस को बताया कि यह वारदात लगभग दस दिन पहले हुए विवाद का नतीजा है। गांव के ही आलम खान और लाडू खान उस समय बंदूक लेकर हिरण का शिकार करने आए थे। खेत सिंह ने इसका विरोध किया था और रोकने की कोशिश की थी। उस दौरान तीखी बहस हुई और आरोपियों ने जाते-जाते धमकी दी थी कि खेत सिंह को अंजाम भुगतना पड़ेगा। परिजनों का मानना है कि मंगलवार रात का हमला उसी धमकी का परिणाम है।
हत्या के बाद गांव में तनाव और आगजनी
किसान की मौत की खबर पूरे क्षेत्र में फैलते ही गुस्सा भड़क उठा। शाम तक डांगरी गांव में तनाव की स्थिति बन गई। इसी बीच आक्रोशित भीड़ ने समुदाय विशेष की एक दुकान में आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त जाब्ता मौके पर भेजा। जैसलमेर एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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मुख्य आरोपी हिरासत में, एक फरार
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों लाडू खान और आलम खान को हिरासत में ले लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया गया है। एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
एसपी अभिषेक शिवहरे ने कहा कि हत्या की प्राथमिक वजह हिरण के शिकार का विरोध माना जा रहा है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
परिजनों और ग्रामीणों में मातम
बाड़मेर अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन इकट्ठे हुए। सबका गुस्सा और दुख साफ झलक रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि खेत सिंह एक मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। वे हमेशा जंगल और वन्यजीवों की रक्षा के लिए खड़े रहते थे और इसी वजह से उनकी जान चली गई।
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