गोरखपुर/एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे को नया नेतृत्व मिल गया है। श्री उदय बोरवणकर ने 20 सितंबर 2025 को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण किया। वे भारतीय रेल प्रबंधन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और भारतीय रेल में अपने 35 वर्षों के लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
श्री बोरवणकर का चयन 1985 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिस के रूप में हुआ था। उन्होंने भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग संस्थान, जमालपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद मुंबई से एम.बी.ए. की डिग्री हासिल की। साथ ही उन्होंने आईआईटी खड़गपुर, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस हैदराबाद, बोक्कोनो स्कूल ऑफ बिजनेस (मिलान) और ग्राज विश्वविद्यालय (ऑस्ट्रिया) से भी उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अपने सेवा काल में उन्होंने मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे, रेलवे बोर्ड, खान मंत्रालय और महा मेट्रो जैसे विभिन्न संगठनों में कार्य किया। वे अपर मंडल रेल प्रबंधक/नागपुर, कार्यकारी निदेशक/रेलवे बोर्ड, मंडल रेल प्रबंधक/भोपाल, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर तथा आरडीएसओ के महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे।
आरडीएसओ के महानिदेशक के रूप में श्री बोरवणकर ने भारतीय रेल में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कवच, वंदे भारत ट्रेनें, हाइड्रोजन ट्रेन, एआई एवं ड्रोन आधारित तकनीक डास (DAS) जैसे अभियानों का सफल नेतृत्व किया।
तकनीकी और प्रबंधकीय नेतृत्व के अलावा वे पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और गुणवत्ता प्रणाली प्रबंधन में भी सक्रिय योगदान देते रहे हैं। श्री बोरवणकर एक अच्छे पाठक, वक्ता हैं और उन्हें जैविक खेती, फोटोग्राफी और भारतीय संगीत में गहरी रुचि है।
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