राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता रूमा देवी को इस वर्ष अमेरिका के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन ‘दिवाली एट टाइम्स स्क्वेयर’ में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान भारतीय संस्कृति, हस्तशिल्प और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।
टाइम्स स्क्वेयर पर होगा भारत के बाहर सबसे बड़ा दिवाली उत्सव
न्यूयॉर्क से आयोजक नीता भसीन ने बताया कि टाइम्स स्क्वेयर पर दिवाली उत्सव की शुरुआत वर्ष 2013 में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह आयोजन भारत के बाहर सबसे बड़ा दिवाली समारोह माना जाता है, जिसमें हर साल हजारों लोग भाग लेते हैं। यह भव्य आयोजन 10 और 12 अक्तूबर 2025 को विश्व प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वेयर, न्यूयॉर्क में होगा। कार्यक्रम में संगीत, नृत्य, दिवाली बाजार, रंगोली सहित अनेक सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। इसके साथ एक विशेष अवॉर्ड समारोह और गाला डिनर भी आयोजित किया जाएगा। 2023 में न्यूयॉर्क सिटी प्रशासन द्वारा दिवाली को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के बाद इस उत्सव की प्रतिष्ठा और भी बढ़ गई है।
थार से उठी आवाज, जिसने बदला हजारों महिलाओं का जीवन
बाड़मेर की रूमा देवी ने अपने हस्तशिल्प कौशल और सामाजिक प्रयासों से राजस्थान की हजारों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने राजस्थानी पारंपरिक कढ़ाई और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया, जिससे थार की मिट्टी की खुशबू अब वैश्विक स्तर पर महसूस की जा रही है। रूमा देवी ने न केवल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर दिलाए, बल्कि महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी लगातार काम किया है। उन्हें पहले भी भारत और विदेशों में अनेक सम्मान मिल चुके हैं।
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एआईए दीपावली फेस्टिवल में होंगी विशेष अतिथि
टाइम्स स्क्वेयर समारोह के अलावा, रूमा देवी को 11 अक्तूबर 2025 को आयोजित होने वाले एआईए दीपावली फेस्टिवल में भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम एसोसिएशन ऑफ इंडियन्स इन अमेरिका (AIA) न्यूयॉर्क चैप्टर द्वारा लॉन्ग आइलैंड, न्यूयॉर्क के ओवरलुक बीच पर आयोजित किया जाएगा। यह अमेरिका में भारतीय समुदाय का एक महत्वपूर्ण दीपावली उत्सव है, जिसमें हजारों प्रवासी भारतीय और विदेशी नागरिक शामिल होते हैं। इसमें कला प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारतीय व्यंजन और आतिशबाजी जैसे आयोजन होते हैं।
भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बनेगी रूमा देवी की मौजूदगी
रूमा देवी की भागीदारी से इस वर्ष का दिवाली उत्सव राजस्थान और भारत दोनों के लिए गर्व का विषय बन गया है। उनके सम्मान से न केवल राजस्थान की लोक संस्कृति और हस्तकला को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि यह ग्रामीण भारत की नारी शक्ति की भी प्रतीकात्मक झलक प्रस्तुत करेगा।
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