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Bollywood Iconic Movie : बॉलीवुड में किसी भी नई फिल्म का प्रमोशन जरूरी होता है. दर्शकों को थिएटर्स तक खींच लाने के लिए फिल्म का प्रमोशन बहुत बड़ा हाथ होता है. कई बार तो औसत फिल्में भी प्रमोशन की वजह से अच्छा कर जाती हैं. हालांकि फिल्म का कंटेट ही असली किंग होता है. 2008 में ऐसी ही एक क्राइम थ्रिलर मूवी आई थी जिसे बिना प्रमोशन के रिलीज किया गया था. एक हफ्ते तक सिनेमाघरों में फिल्म को रिस्पांस नहीं मिला. बाद में यह फिल्म आइकॉनिक मूवी बन गई और ताबड़तोड़ कमाई की. नेशनल अवॉर्ड भी जीता. फिल्म की कहानी एक आम आदमी से जुड़ी हुई थी. आइये जानते हैं इस आइकॉनिक मूवी के बारे में……….
2008 में एक ऐसी फिल्म सिनेमाघरों में आई जिसमें एक भी रोमांटिक सीन नहीं था. कोई सॉन्ग नहीं था. फिल्म का प्रमोशन भी नहीं किया गया था, बावजूद इसके फिल्म ने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई. फिल्म को नीरज पांडे ने लिखा था और डायरेक्शन भी उन्होंने किया था. फिल्म को नेशनल अवॉर्ड भी मिला. इस फिल्म का नाम था : ए वेडनेसडे जिसे 5 सितंबर 2008 को रिलीज किया गया था. फिल्म की कहानी सिर्फ एक दिन की थी. मुंबई शहर पर बेस्ड थी. दिन के दो बजे से शाम 5 बजे तक की कहानी को फिल्म में दिखाया गया था.

ए वेडनेसडे फिल्म में अनुपम खेर में पुलिस कमिश्नर के किरदार में नजर आए थे. यह किरदार रियल लाइफ में मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से काफी मिलता-जुलता था. अनुपम खेर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने राकेश मारिया के चलने-फिरने, बैठने-उठने के अंदाज को कॉपी किया था.

ए वेडनेसडे फिल्म में कोई बड़ी स्टारकास्ट नहीं थी. मूवी में नसीरुद्दीन शाह, अनुपम खेर, जिमि शेरगिल जैसे बड़े सितारे नजर आए थे. इसके अलावा, आमिर बसीर, दीपल शॉ सहायक भूमिकाओं में थे. फिल्म के रिलीज होने के बाद दो-तीन बाद माउथ पब्लिसिटी हुई. दर्शक थिएटर्स में जुटने लगे. यह फिल्म एक कल्ट मूवी बन गई.

कॉफी, सैंडविच और अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में बैठे एक आम आदमी ने पूरे पुलिस डिपॉटर्मेंट को हिलाकर रख दिया था. फिल्म इतनी रियल थी कि दर्शकों को ऐसा लगा जैसे पर्दे पर उनकी कहानी बताई जा रही है. एक भी सीन फेक नहीं लगा. बतौर डायरेक्टर नीरज पांडे की पहली फिल्म थी.

नसीरुद्दीन शाह ने बताया था कि ‘ए वेडनेसडे’ फिल्म की स्क्रिप्ट उनके पास छह माह तक पड़ी रही थी. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘पतली सी स्क्रिप्ट थी. कई स्क्रिप्ट के नीचे दबी थी. स्क्रिप्ट पढ़ी तो बहुत अच्छी लगी. वो फिल्म भी कामयाब रही. हालांकि उसमें एक हिडन मैसेज था. उसमें चारों आतंकी मुसलमान थे. नीरज पांडे से मैंने पूछा था कि ये जानबूझकर है या नहीं? उसने गोलमोल जवाब दिया.’

नसीरुद्दीन शाह को पहले अनुपम खेर वाला रोल ऑफर हुआ था. उन्होंने कॉमन मैन के रोल के लिए नाना पाटेकर का नाम सजेस्ट किया था. नीरज पांडे नाना का नाम सुनकर डर गए और बोले कि मुझे पिटना नहीं है. नाना पाटेकर ने खुद इसका खुलासा किया था. नाना ने यह भी कहा था कि ‘मैं जब नीरज पांडे से मिला तो सिर्फ इतना ही कहा कि मैं पागल नहीं हूं. प्लीज ऐसा मत किया करिये. मुझे अच्छे रोल चाहिए.’

फिल्म में नसीरुद्दीन शाह के कैरेक्टर के बैकग्राउंड को नहीं बताया गया था. यहां तक कि उसका नाम तक नहीं बताया गया. बस कॉमन मैन कहा गया. इस बारे में फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मुझे भी उस कैरेक्टर के बारे में बहुत कुछ पता नहीं था, तो मैं दुनिया को क्या बताता.’

नीरज पांडे ने आगे कहा था, ‘मेरी यह पहली फिल्म थी. जब मैं कहीं जाता था तो यही सुनने में आता था कि मैं इंडस्ट्री में नया हूं. मेरी कास्टिंग भी ठीक नहीं है. लीड रोल 55 साल से ज्यादा उम्र का शख्स निभा रहा है. ऐसे में फिल्म कौन देखेगा. रिजेक्शन हुए लेकिन मैं अपनी कहानी पर अड़ा रहा.’

फिल्म में मुंबई पुलिस कमिश्नर ऑफिस को दिखाया गया था लेकिन इस कड़वी सच्चाई को भी दिखाया गया कि उनके आईटी ऑफिस के इंस्ट्रूमेंट पुराने हैं. फिल्म का स्क्रीनप्ले इतना दमदार था कि दर्शकों को पलके झपकाने का भी मौका नहीं दिया.पावरफुल डायलॉग्स ने दिल लूट लिया था. ए वेडनेसडे मूवी ने नेशनल अवॉर्ड जीता था. इसके अलावा फिल्म को 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. फिल्म ने कुल 11 अवॉर्ड जीते थे. 19 अवॉर्ड में नॉमिनेशन मिला था.
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