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बॉलीवुड सेलेब्स के घरों में आम आदमी के घरों की तरह रीति-रिवाजों और परंपराओं को सेलिब्रिट करते हैं. इसकी झलक खास तौर पर शादी की रस्मों में दिखाई देती है. जो हर समुदाय में अलग-अलग होती है. इंडस्ट्री में भी अलग-अलग जगह से आकर स्टार बने कलाकारों के यहां भी अलग-अलग तरह के रीति-रिवाज हैं.
अमिताभ बच्चन की फैमिली में भी अलग तरह के रीति-रिवाज को माना जाता है. बच्चन फैमिली में एक अजीब रस्म होती थी, जिसका परिवार के एक सदस्य ने विरोध किया, तो उस परंपरा को खत्म कर दिया गया. यह विरोध न अमिताभ ने किया और न ही जया बच्चन ने.

इस परंपरा के अनुसार, सास अपनी नई बहू के पैर छूती थी. उनके बीच एक अजीब वादा भी किया जाता था. हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, सास नई दुल्हन से कहती थी, ‘तुम डोली चढ़कर आई हो, मेरे घर बहू नहीं बेटी बनकर आई हो.’

इसके जवाब में बहू कहती थी, ‘डोली चढ़कर आई हूं, अर्थी चढ़कर जाऊंगी.’ इस परिवार की परंपरा तब खत्म हुई जब अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन ने इसका विरोध किया.

हरिवंश राय बच्चन ने अपनी पहली पत्नी श्यामा से 1926 में शादी की, लेकिन 1936 में उनका निधन हो गया. बाद में, 1941 में उन्होंने तेज़ी बच्चन से शादी की और उनके विवाह के दौरान, उन्होंने हस्तक्षेप किया और घोषणा की कि तेज़ी ऐसी कोई बात नहीं कहेंगी.

इसके बाद, बच्चन परिवार में यह परंपरा समाप्त हो गई. अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो यह रिवाज आज भी परिवार में पालन किया जाता, जिससे जया बच्चन को ऐश्वर्या राय बच्चन के पैर छूने पड़ते.

हरिवंश राय बच्चन और तेज़ी बच्चन ने 11 अक्टूबर, 1942 को अमिताभ का स्वागत किया. प्रसिद्ध कवि का निधन 18 जनवरी, 2003 को मुंबई में हुआ, जबकि तेज़ी बच्चन ने दिसंबर 2007 में अंतिम सांस ली.

आज भी, अमिताभ बच्चन अक्सर अपने पिता की कविताएं साझा करते हैं और अपने ब्लॉग या इंटरव्यू में उनकी यादें शेयर करते हैं. अमिताभ एक्स पर भी अपने पिता की कविताएं शेयर करते हैं.

अमिताभ बच्चन की फैमिली को बॉलीवुड की सबसे संस्कारी फैमिली माना जाता है. बच्चन फैमिली में अमिताभ-जया के अलावा अभिषेक और ऐश्वर्या राय बच्चन और उनके बेटी आराध्या बच्चन हैं.
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