मुंबई/एबीएन न्यूज। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी और हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम की अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चोकसी बेल्जियम का नागरिक नहीं, बल्कि एक विदेशी नागरिक है, और उस पर लगे आरोप इतने गंभीर हैं कि उसके भारत प्रत्यर्पण पर कोई कानूनी रोक नहीं लगाई जा सकती।
अदालत के आदेश के मुताबिक, भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत आरोप — धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, दस्तावेजों की जालसाजी और भ्रष्टाचार — बेल्जियम के कानून के तहत भी अपराध की श्रेणी में आते हैं। इसलिए अदालत ने भारत को चोकसी को वापस लाने की अनुमति दे दी है।
भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि चोकसी को मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा। यह बैरक 46 वर्ग मीटर क्षेत्रफल की है, जिसमें दो सेल्स और निजी शौचालय की सुविधा मौजूद है। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम करने की भी जानकारी दी है।
इस फैसले के बाद चोकसी का भारत लौटना लगभग तय माना जा रहा है। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने पर उसे भारत लाया जाएगा, जहाँ उसके खिलाफ दर्ज 14,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले से जुड़े मामलों की जांच और मुकदमे की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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