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संजय लीला भंसाली ने सिनेमाघरों में ही नहीं, ओटीटी पर भी अपनी धाक जमा रखी है. हीरामंडी: द डायमंड बाजार लाकर तो उन्होंने साबित कर दिया था कि वह दर्शकों की नब्ज पहचानते हैं. सीरीज को लोगों ने काफी पसंद किया था. 200 करोड़ का बजट लगाकर उन्होंने अब तक की ये सबसे महंगी सीरीज बनाई थी. साल 2024 में गूगल ट्रेंड्स की टॉप-सर्च्ड सीरीज में ये शामिल हुई थी.
एक वक्त पर बिग बी को फ्लॉप एक्टर का टैग दे दिया गया था. बिग बी के करियर की शुरुआत ही फ्लॉप फिल्मों से हुई थी. ‘सात हिंदुस्तानी’ से डेब्यू करने के बाद उनकी किस्मत के सितारे डूबते ही जा रहे थे. उनकी लगातार 12 फिल्में फ्लॉप हुई थी.

अमिताभ की किस्मत का सितारा चमका फिल्म ‘जंजीर’ से. इस फिल्म में काम करने के बाद उनकी किस्मत ने ऐसा करवट लिया कि उनकी ‘एंग्री यंग मैन’ वाली इमेज ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिग बी की किस्मत चमकाने वाले वो डायरेक्टर कौन थे.

वो होनहार डायरेक्टर थे प्रकाश मेहरा, जिन्होंने अपने करियर में ज्यादातर हिट और सुपरहिट फिल्में ही बनाई है. जंजीर को भी वहीं लेकर आए थे. जब वह मुंबई आए तो उनके पास महज 13 रुपये थे.

करियर की शुरुआती दौर में तो वह मजदूरी करते थे. वहां उन्हें रोजाना 1 रुपया मेहनताना मिलता था. उनकी बनाई गई फिल्में आज भी लोगों ने जहन में बसी हैं. इन्हीं के चलते हमें मिला बॉलीवुड का ‘एंग्री यंग मैन’.

जंजीर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म की सफलता के बाद ही प्रकाश मेहरा और अमिताभ की जोड़ी बनी थी. इस फिल्म के बाद इस जोड़ी ने कई सुपरहिट फिल्में बनाईं. इनमें ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘लावारिस’, ‘नमक हलाल’ और ‘शराबी’ जैसी फिल्में शामिल हैं.

प्रकाश मेहरा की फिल्मों ने अमिताभ को ना सिर्फ काम दिया, बल्कि उन्हें सुपरस्टार बना दिया था. प्रकाश मेहरा की बनाई फिल्में आज भी उनके चहीते फैंस की जहन में बसी हैं. प्रकाश मेहरा और बिग बी ने मिलकर बॉलीवुड को यादगार फिल्में दी.

बता दें कि विनोद खन्ना के करियर को भी उन्होंने नई दिशा दी थी. विनोद खन्ना ने भी प्रकाश मेहरा के साथ साल 1974 में हाथ की सफाई, साल 1976 में हेरा फेरी और साल 1978 में मुकद्दर का सिकंदर में काम किया था.
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