राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और अंगोला के बीच गहरे और मजबूत संबंध हैं, और दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का निरंतर समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अंगोला के अफ्रीका में शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम रखने के प्रयासों की सराहना करता है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘भारत हमेशा संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में रहा है। भारत और अंगोला संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। हम दोनों इस बात से सहमत हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार आवश्यक है ताकि यह संस्था और अधिक प्रभावी बन सके। हमें इस दिशा में अंगोला के निरंतर समर्थन की उम्मीद है।’
#WATCH | Luanda, Angola: President Droupadi Murmu says, “India appreciates your efforts to promote peace, security, and stability in Africa. India has always advocated for dialogue and peaceful resolution of conflicts. India and Angola support each other in various international… pic.twitter.com/i3GCJbcvhu
— ANI (@ANI) November 9, 2025
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‘अंगोला को भी उपलब्ध करा सकते हैं वंदे भारत ट्रेनें’
उन्होंने आगे कहा कि भारत की ‘मेड इन इंडिया’ वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें देश के रेल क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि ‘हम ऐसी आधुनिक ट्रेनें अंगोला को भी उपलब्ध करा सकते हैं।’ वहीं युवा आबादी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अंगोला दोनों देशों में युवाओं की संख्या अधिक है, इसलिए यह जरूरी है कि वे भविष्य के लिए जरूरी कौशल हासिल करें। उन्होंने शिक्षा, तकनीक और कौशल विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।
#WATCH | Luanda, Angola: President Droupadi Murmu says, “Made in India Vande Bharat high-speed trains are revolutionising our rail sector. We can also supply such trains to Angola. Both our countries have a high youth population. It is essential that our youth acquire relevant… pic.twitter.com/4I1i32yCdA
— ANI (@ANI) November 9, 2025
लुआंडा में राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को रविवार को अंगोला की राजधानी लुआंडा में औपचारिक स्वागत समारोह में सम्मानित किया गया। इस मौके पर अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ लौरेंको भी मौजूद थे। यह यात्रा भारत और अंगोला के बीच कूटनीतिक संबंधों के 40 साल पूरे होने के मौके पर हो रही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाएगी।
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अंगोला के बाद बोत्सवाना जाएंगी राष्ट्रपति
यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने अंगोला का राजकीय दौरा किया है। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, यह यात्रा अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ भारत के बढ़ते सहयोग का प्रतीक है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी सुधाकर दलेला ने बताया कि इस दौरे में राजनीति, अर्थव्यवस्था, विकास और संस्कृति से जुड़ी साझेदारियों पर चर्चा होगी। साथ ही, बोत्सवाना से चीता लाने की संभावना पर भी बात हो सकती है। वहीं बोत्सवाना में राष्ट्रपति व्यापार, निवेश, तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगी और वहां की संसद को भी संबोधित करेंगी।












