दिल्ली बम विस्फोट के समय कानपुर कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट का डॉ. आरिफ मीर डॉ. शाहीन के नेटवर्क से जुड़ा था। एटीएस और एनआईए को उनके बीच बातचीत के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियों ने हिरासत में लेने से पहले डॉ. आरिफ मीर के मोबाइल में सोशल मीडिया की चैट देखी, जिसमें विस्फोटक मिलने से लेकर लाल किले के नजदीक हुए धमाके तक की रची गई पूरी साजिश के कुछ प्रमाण मिले हैं। इस आधार पर अधिकारी उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले गए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डॉ. आरिफ मीर और दिल्ली धमाके के शिकार डाॅ. उमर ने कश्मीर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। हालांकि डाॅ. आरिफ ने शेरे कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और डाॅ. उमर ने गवर्नमेंट मेडिकल काॅलेज से एमबीबीएस किया था। एटीएस, एनआईए और अन्य एजेंसियों को डॉ. आरिफ मीर से डॉ. शाहीन के साथ संपर्क रखने की जानकारी हुई है। उनको डॉ. आरिफ के जैश ए मोहम्मद और अंसार गजवा उल हिंद के मॉड्यूल के रूप में काम करने की आशंका है।
![]()












