मोतीझील लॉन शनिवार को आयोजित ऑल इंडिया ऑल ब्रीड्स चैंपियनशिप डॉग शो में देसी-विदेशी नस्लों के कुत्तों ने जलवा बिखेरा। 10 लाख का साइबेरियन हस्क, चश्मा लगाकर कैटवॉक करते अमेरिकी बुली को देख डॉग लवर्स ने तालियां बजाईं। कोई चश्मा लगाए नजर आया तो कोई अपने हावभाव से लोगों को आकर्षित करता रहा। एक साथ दो अमेरिकन बुली हंटर और माफिया रैंप पर उतरे तो लोग हतप्रभ होकर उन्हें देखते रहे। 42 नस्लों के 228 कुत्तों ने फुर्ती और शालीनता का प्रदर्शन किया। डाबरमैन और पोमेरेनियन ने अपने-अपने ग्रुपों में बाजी मारी।
शो मे दो अमेरिकन बुली डॉग लाए जीवन यादव ने बताया कि ये बाप-बेटे हैं। एक का नाम मिस्टर माफिया और दूसरे का मिस्टर हंटर है। यह सर्बिया की नस्ल है। वह चार साल पहले इन्हें हिमांचल प्रदेश से खरीदकर लाए थे। ये अपने मालिक की रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। शो में मेरठ से आए शहजाद ने बताया कि उन्होंने जर्मन शेफर्ड डॉग जर्मनी से मंगाया है। दावा किया कि यह इंडिया चैंपियन है। इसकी ऊंचाई, स्टाइल, चलने का अंदाज मन मोह लेता है।
नगर निगम और कानपुर कैनेल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से पहली बार आयोजित इस शो का शुभारंभ महापौर प्रमिला पांडेय ने किया। शो में जर्मन शेफर्ड, डाबरमैन, रॉटविलर, सेंट बर्नार्ड, साइबेरियन हस्की, गोल्डन रिट्रीवर, पोमेरेनियन, पग, फ्रेंच बुलडॉग, पूडल, डाशहाउंड, बीगल, व्हिपेट सहित 42 नस्लों के 228 कुत्तों ने रैंप पर अपना जलवा दिखाया। कारावन हाउंड जैसी दुर्लभ भारतीय नस्ल ने सबका ध्यान खींचा। इन्हें दिल्ली, जयपुर, उदयपुर, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू, नागपुर, भोपाल, पानीपत सहित अन्य शहरों से उनके पालक लाए थे। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुत्तों को महापौर ने पुरस्कार दिया। उन्होंने सीवीओ डॉ. आरके निरंजन, डॉ. शिल्पा आदि को बधाई देते हुए भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भव्य आयोजन कराने का भरोसा दिया। डॉग शो शहरवासियों के लिए मनोरंजन और जागरूकता का अनूठा संगम साबित हुआ।

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डॉग शो
– फोटो : अमर उजाला
फुर्ती, शिकारी क्षमताओं के लिए जाना जाता है कारवां हाउंड (मुधोल हाउंड)
शो में फिरोजाबाद से आए शिवम गुप्ता कारवां हाउंड (मुधोल हाउंड) ब्रीड का कुत्ता लेकर आए। बताया कि मुगल काल में यात्रा (कारवां) में इसे हमला करने के लिए इस्तेमाल करते थे। देाह नस्ल के कारवां हाउंड को हाल ही में भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इन्हें इनकी गति, फुर्ती और शिकारी क्षमताओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। भारतीय सेना ने पहली बार देसी नस्ल के कुत्तों को प्रशिक्षण देने की शुरुआत की है। इससे पहले सेना ने जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर, ग्रेट स्विस माउंटेन डॉग जैसी विदेशी नस्लों का उपयोग किया है।

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10 लाख का साइबेरियन हस्की भी रैंप में उतरा
शो में रैंप पर उतरा साइबेरियन हस्क आकर्षण का केंद्र रहा। 10 लाख के बताए गए इस कुत्ते के साथ सेल्फी खींचने और वीडियो बनाने के लिए डॉग लवर्स में होड़ मची रही। इसे यहां डॉग शो में लेकर आईं कोतकाता की नित्या बांगर ने बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले ही इसे रूस से मंगाया है।
लेब्रा के बिगड़े मिजाज
डॉग शो के दौरान लेब्रा डॉग के मिजाज बिगड़ गए। वह भौंकने के साथ ही इधर-उधर भागने लगा। उसे बर्फ खिलाई गई। ठंडक मिलने पर वह शांत हुआ।

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बालों की खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं लिलि, स्पार्क
दिल्ली से नकुल चंदेल लिलि और स्पार्क को लाए। बताया कि यह स्पेन की प्रजाति है। बहुत सक्रिय हैं। इन्हें संजाने में घंटों लगते हैं। खूबसूरत बाल इस नस्ल की खासियत है। इसकी ग्रूमिंग, कटिंग, क्राउनिंग आसान है। इनकी कीमत एक लाख और इससे ज्यादा बताई गई।
गोल्डन रिट्रीवर के जलवे
शो में गोल्डन रिट्रीवर के जलवे देखते ही बनते थे। कोलकाता से इसे लेकर आईं तापसी ने बताया कि साइबेरिया का गोल्डन रिट्रीवर का रखरखाव महंगा है। हर महीने 30 हजार से ज्यादा का भोजन और फूड सप्लीमेंट खाता है।

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92 पालतू कुत्तों का हुआ पंजीकरण, 126 को लगा टीका
कार्यक्रम के दौरान 92 पालतू कुत्तों का पंजीकरण भी किया। उनके मालिकों को निगम की ओर से फ्री गिफ्ट पैकेट दिए गए। स्वयंसेवी संस्थाओं को निराश्रित कुत्तों के लिए सर्दी से बचाव वाले गद्दे भी निशुल्क वितरित किए गए। सीवीओ ने बताया कि कार्यक्रम में नगर निगम की तरफ से कुत्तों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। 126 कुत्तों का टीकाकरण भी किया गया।
इस शो में देशभर से विभिन्न देशी, विदेशी नस्लों के कुत्ते आए हैं। शो के माध्यम से कुत्तों को वैज्ञानिक तरीके से घर में रखने के तरीके बताए गए। उनका वैक्सीनेशन कब कराया जाए। शाम को विजेताओं को पुरस्कार दिए गए।– डॉ. आरके निरंजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम
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