तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बयान पर पलवाटर किया है। उन्होंने कहा, मुद्दा बहुत स्प्ट है। आप केवल यह देख रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा। उन्होंने कहा कि बंगाल में पूरी तरह कानून-व्यवस्था का अभाव है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव बैलेट (मतपत्र) पर होने चाहिए, बुलेट (गोली) पर नहीं। ये राज्यपाल की ओर से इस्तेमाल किए गए उकसाने वाले शब्द हैं। क्या यह राज्यपाल का काम है?
कल्याण बनर्जी ने आगे कहा, राज्यपाल को केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है कि राज्यपाल को केंद्र सरकार का एजेंट नहीं बनना चाहिए। लेकिन वह भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। अगर आप हम पर राजनीतिक रूप से हमला करते हैं, तो आपके पास उस तरह के हमले को सहन करने का भी साहस होना चाहिए। वह संविधान के कसाई हैं। जहां भी गैर-भाजपा शासित राज्य हैं, वहां हर राज्यपाल ऐसा कर रहा है। यह सज्नन तो हद कर गए हैं।
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कहां से शुरू हुआ ताजा विवाद?
टीएमसी सांसद ने शनिवार को आरोप लगाया था कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस भाजपा के अपराधियों को राजभवन में बुला रहे हैं और उन्हें हथियार दे रहे हैं ताकि वे टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले कर सकें। उन्होंने कहा कि ‘बंगाल के राज्यपाल को कह दें कि वे भाजपा के अपराधियों को राजभवन में बुलाना बंद करें। वह उन्हें वहां रख रहे हैं और उन्हें हथियार दे रहे हैं ताकि वे टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले कर सकें। जब तक ये राज्यपाल, राजभवन में हैं, तब तक बंगाल के साथ कुछ अच्छा नहीं हो सकता।’
कानूनी सलाह ले रहे राज्यपाल
इसके बाद राज्यपाल आनंद बोस ने रविवार को कहा कि उन्होंने कल्याण बनर्जी के आरोप पर कानूनी राय मांगी है। उन्होंने टीएमसी सांसद के बयान की निंदा करते हुए शेक्सपियर की एक कविता का एक अंश पढ़ा- ‘यह एक मूर्ख द्वारा सुनाई गई कहानी है, जो शोर और रोष से भरी है, जिसका कोई मतलब नहीं है।’
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राज्यपाल ने कहा, ‘राजभवन के दरवाजे सुबह पांच बजे से खुले रखे गए हैं और वह बनर्जी के आने और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दो के सबूत एकत्र करने के लिए निरीक्षण करने का इंतजार कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर वह अपनी कही बात साबित करने में नाकाम रहते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए? राजभवन ने भी एक बयान में बताया कि राज्यपाल इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिख रहे हैं, क्योंकि टीएमसी सांसद ने गंभीर आरोप लगाए हैं।











