बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा वह न थके हैं और ना थकेंगे, न रुके हैं न रुकेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश-दुनिया के सनातनी हिंदू को एक सूत्र में जोड़ना है। ताकि आने वाली पीढ़ियां, संपत्ति, मठ-मंदिर, बेटियां एवं रोटियां बच सकें। यह पदयात्रा में तन का विश्राम है। विचार यात्रा जारी रहेगी। उन्होंने घोषणा की है कि 3.0 यात्रा फिर शुरू होगी, इसका समय परिस्थिति के अनुसार निश्चित किया जाएगा, जोकि उस दिशा में जाएगी जहां धर्मांतरण हो रहा है।
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