सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कलेक्ट्रेट सभागार में आज लेफ्टिनेंट जनरल योगेन्द्र डिमरी, माननीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में होने वाली विभिन्न प्रकार की आपदाओं, विशेषकर आकाशीय बिजली, सर्पदंश और जलजनित जोखिमों से बचाव एवं त्वरित राहत प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
माननीय उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि आकाशीय बिजली और सर्पदंश से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए जिले में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों से लेकर विद्यालय स्तर तक लोगों को सचेत और प्रशिक्षित करने से इन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
आपदा के समय त्वरित राहत पहुँच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने निर्देशित किया कि एनडीआरएफ की टीम जिला मुख्यालय स्तर पर हर समय उपलब्ध रखी जाए, जिससे आपात स्थिति में बिना विलंब राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
बैठक में विद्यालय स्तर पर बच्चों के लिए तैराकी प्रशिक्षण की अनिवार्यता पर जोर दिया गया। लेफ्टिनेंट जनरल डिमरी ने कहा कि गोताखोरों द्वारा तैराकी प्रशिक्षण और आपदा विशेषज्ञों द्वारा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिए जाने से बच्चों की जीवन रक्षक क्षमताओं में वृद्धि होगी और जलजनित आपदाओं के संभावित जोखिमों को कम किया जा सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए, जिससे आपदा के प्रति जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण हो सके। समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) श्री वागीश कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी श्री हेमंत कुमार, आपदा विशेषज्ञ अरुण यादव, ओमकार यादव (प्रशासनिक आपदा), शिवमूरत भीम (आपदा बाबू), एवं ईडीएम दिव्यतोष मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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