सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। बिल्ली–मारकुंडी स्थित मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स में 15 नवंबर 2025 को हुए भीषण हादसे की जांच में एसआईटी टीम ने बड़ा खुलासा करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह जाने से 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद थाना ओबरा में मु.अ.सं. 264/2025 धारा 105 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी ओबरा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की गई, जिसने आज अपनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। एसआईटी ने हादसे से जुड़े अहम तथ्यों का अनावरण किया और चार जिम्मेदार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अनिल कुमार झा, माइंस मैनेजर, निवासी – इब्राहिमपुर, जिला दरभंगा (बिहार), वर्तमान – निवारणपुर, जिला रांची (झारखंड), आयु 59 वर्ष। अजय कुमार, माइंस स्टाफ, निवासी – बिल्ली पोखरा के पास, थाना ओबरा, सोनभद्र आयु 44 वर्ष। चन्द्रशेखर, माइंस मेट निवासी – अग्रवाल नगर कॉलोनी, वार्ड 18, ओबरा मूल निवासी – गढ़वा (झारखंड), आयु 46 वर्ष। गौरव सिंह, माइंस स्टाफ, निवासी – अग्रेस सेक्टर 08, ओबरा, आयु 33 वर्ष। एसआईटी की पूछताछ में सामने आई गंभीर लापरवाही

पूछताछ में माइंस मैनेजर और माइंस मेट ने स्वीकार किया कि खदान में ड्रिलिंग और विस्फोटक मानकों में हो रही अनियमितताओं की सूचना खदान सुरक्षा विभाग को नहीं दी गई। ड्रिलिंग के दौरान मजदूरों को सुरक्षा निर्देश नहीं दिए गए, न ही आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए।
मजदूरों ने जोखिमपूर्ण खदान में नीचे उतरकर काम करने से मना किया था, लेकिन मालिक और ठेकेदारों के दबाव में उन्हें काम करने के लिए मजबूर किया गया। खतरे की जानकारी होने के बावजूद मैनेजर और मेट ने न तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, न ही कार्य रोकने की कोशिश की।

एसआईटी जांच में यह भी पाया गया कि मानक से अधिक ड्रिलिंग किए जाने पर खदान की संरचना अत्यधिक कमजोर हो गई थी। इसी कारण पत्थर का विशाल हिस्सा अचानक ढह गया और सात मजदूरों की जान चली गई।
एसआईटी के अनुसार माइंस मैनेजर और माइंस मेट की भूमिका में घोर लापरवाही, कर्तव्यहीनता और सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुआ है। चारों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जबकि जांच अभी भी जारी है।
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