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MGR mentor PU Chinnappa Life Story: साउथ सिनेमा के एक आइकॉनिक स्टार ने अपनी फिल्मों से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी थी. उन्हें तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और एक्टर एमजीआर अपना गुरु मानते थे. उन्होंने जीते जी शोहरत के साथ-साथ दौलत भी भरपूर कमाई थी. उन्होंने कभी 1000 एकड़ जमीन खरीदी थी और 124 घर अपने नाम किए थे. मगर आज उनका परिवार कर्ज में डूबा हुआ है.
नई दिल्ली: तमिल सिनेमा के इतिहास को खंगाले, तो आप आएंगे कि एमजीआर-शिवाजी, रजनीकांत-कमल हासन और विजय-अजीत से पहले एमके त्यागराजा भगवतर और पीयू चिन्नप्पा की जोड़ी मशहूर थी. एमकेटी को तमिल सिनेमा का पहला सुपरस्टार माना जाता है, जबकि पीयू चिन्नप्पा को ‘पहला सुपर एक्टर’ कहा जाता है. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और स्टार एमजीआर उन्हें अपना गुरु मानते थे. तमिल सिनेमा के मशहूर एक्टर पीयू चिन्नप्पा के परिवार की मौजूदा हालत ने अब नई चर्चा को जन्म दिया है.

पीयू चिन्नप्पा ने पांच साल की उम्र में थिएटर में कदम रखा था. उन्होंने बारह साल की उम्र में मदुरै ओरिजिनल बॉयज कंपनी में सिर्फ 15 रुपये मासिक सैलरी पर काम करना शुरू किया था. वे गायकी में माहिर थे. कंपनी के मालिक ने जब उनकी सिंगिंग कौशल को देखा, तो उनका वेतन 15 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया. यह चिन्नप्पा के जीवन का पहला अहम मोड़ था.

थिएटर में राजापार्ट हीरो बनकर छाने वाले चिन्नप्पा ने कुश्ती और सिलंबम में ट्रेनिंग ली. उन्होंने 190 पाउंड तक वजन उठाने का रिकॉर्ड बनाया. जब प्ले ‘चंद्रकांता’ को फिल्म में बनाया गया, तो उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में राजकुमार के रूप में एंट्री मारी. वह तमिल सिनेमा के पहले मल्टीटैलेंटेड हीरो थे जो गा सकते थे, अभिनय कर सकते थे और लड़ाई के सीन्स में शानदार लग सकते थे.
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चिन्नप्पा ‘उत्तमपुत्रन’, ‘कन्नकी’ और ‘जगताला प्रतापन’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से लोगों के दिलों में अमर हो गए. एक्टर, एमजीआर ने उन्हें अपना गुरु माना. चिन्नप्पा ने ‘पृथ्वीराज’ फिल्म की को-स्टार ए. शकुंतला से शादी की. चिन्नप्पा ने सिनेमा से कमाई आय से अपने पैतृक जगह में 124 घर और 1000 एकड़ जमीन खरीदी थी. कहा जाता है कि पुडुकोट्टई के राजा ने उन्हें और ज्यादा घर खरीदने से मना कर दिया था.

चिन्नप्पा की 36 साल की उम्र में अचानक मौत हो गई. कहते हैं कि वे दोस्तों से बात करते समय अचानक खून की उल्टी करने लगे. परिवार ने उनकी मेहनत से बनाई करोड़ों की संपत्ति खो दी, जो उन्होंने अपने बच्चों को राजा की तरह जीना सिखाने के लिए कमाई थी.

चिन्नप्पा की मौत के बाद उनकी पत्नी ने अपने नाम की प्रोपर्टी को बेच दिया और चेन्नई चली गईं. हालांकि, परिवार ने कभी भी उन अन्य संपत्तियों को वापस नहीं पाया जो चिन्नप्पा ने खरीदी थीं. कई लोगों ने उन्हें धोखा दिया था.

चूंकि चिन्नप्पा चाहते थे कि उनका बेटा राजा की तरह जीए, इसलिए अपने बेटे का नाम राजा बहादुर रखा. अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए, उनके बेटे ने भी सिनेमा में एंट्री मारी. हालांकि, उन्हें अपने पिता जैसी पहचान नहीं मिली. बाद में उनकी बची हुई प्रोपर्टी को बेच दिया गया और महान एक्टर का परिवार कर्ज में डूब गया.

पीयू चिन्नप्पा के बेटे राजा बहादुर ने मशहूर फिल्म ‘करकट्टाक्करण’ में एक करी विक्रेता की छोटी भूमिका निभाई थी. न्यूज18 इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, वह उनकी आखिरी फिल्म थी. आज पुडुकोट्टई में जहां कभी उनकी करोड़ों की संपत्ति थी, सिर्फ उनकी याद में एक स्मारक है, जो रखरखाव की कमी की वजह से जर्जर हालत में है.
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