सोनभद्र/शक्तिनगर/एबीएन न्यूज़। कौहरौल शिव मंदिर स्थित रिहंद जलाशय में सोन आदिवासी शिल्पकला ग्रामोद्योग समिति द्वारा आदिवासी तैराकी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। तैराकी को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताते हुए समिति ने ग्रामीणों को इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम कई चरणों में संपन्न हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट तैराकी क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कृष्ण कुमार प्रथम, विकास द्वितीय, तथा सुभाष यादव तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री श्री संजीव सिंह गौड़ को आमंत्रित किया गया था, परंतु उनके न पहुँच पाने की स्थिति में समिति सदस्यों ने स्वयं विजेताओं को पुरस्कृत किया।

समिति का उद्देश्य रिहंद जलाशय के आसपास बसे ग्रामीणों को तैराकी के प्रति प्रेरित करना और प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ के दौरान आत्मरक्षा और दूसरों की सहायता करने की क्षमता विकसित करना है। समिति अध्यक्ष ने कहा कि यदि विद्युत कंपनियाँ और कोयला परियोजनाएँ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करें, तो यहाँ के युवा राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सरकार तैराकी खेल के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे, ताकि जलाशयों और नदियों में होने वाली डूबने की घटनाओं को रोका जा सके। कार्यक्रम के सफल संचालन में समिति के सचिव ओम प्रकाश, राकेश कुमार निषाद, राजीव नयन सिंह, संदीप कुमार और संजीव कुमार दुबे सहित कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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