टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने चार महीने पुराना चुनाव आयोग का नोटिस अपने प्रचार तंत्र के जरिये फैलाकर SIR प्रक्रिया को गलत तरीके से महिमामंडित करने की कोशिश की है, जबकि इस प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद बढ़ रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि नोटिस में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) और BLO सुपरवाइजरों के पारिश्रमिक बढ़ाने की बात कही गई थी। उनका दावा है कि यह नोटिस नया नहीं, बल्कि 2 अगस्त का पुराना आदेश है, जिसे भाजपा ने ताजा बता कर फैलाया।
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चार महीने पुराने नोटिस को दोबारा उछालकर उत्साह माना रही पार्टी
उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि जब भाजपा का प्रचार तंत्र चार महीने पुराने नोटिस को दोबारा उछालकर उत्साह की नकली लहर पैदा करने की कोशिश करता है, तो यह साबित करता है कि SIR रणनीति सिर्फ नाकाम नहीं हुई, बल्कि पूरी तरह ढह गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसियों ईसी, ईडी, सीबीआई, आईटी, केंद्रीय बलों और मीडिया को साथ लेकर भी भाजपा बंगाल में जीत का भरोसा नहीं जुटा पा रही है। बनर्जी ने दावा किया भाजपा जानती है कि बंगाल एक बार फिर उन्हें हराएगा और 2021 से बड़ा जनादेश देगा।
डायमंड हार्बर के सांसद और टीएमसी के नंबर-2 नेता बनर्जी ने बीजेपी को खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा भाजपा नेताओं से एक सरल सवाल क्या आप मेरी चुनौती स्वीकार करने की हिम्मत रखते हैं या पुराने प्रोपेगेंडा और सत्ता के सहारे ही छुपते रहेंगे?
गौरतलब है कि बीएलओ का मानदेय 6000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया है। इसी के साथ बीएलओ पर्यवेक्षकों का मानदेय भी 12000 रुपये से बढ़ाकर 18000 रुपये कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ), बीएलओ सुपरवाइजर के अलावा सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के मानदेय को भी बढ़ाने की घोषणा की है।












